लोकसभा में आज भारत के पहले अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री कैप्टन शुभांशु शुक्ला को लेकर एक विशेष चर्चा आयोजित की जाएगी। यह चर्चा उनके अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) मिशन की ऐतिहासिक सफलता को सम्मानित करने और ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण में भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की भूमिका को उजागर करने के उद्देश्य से की जा रही है।
नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि कैप्टन शुक्ला सफल मिशन के बाद भारत लौट आए हैं और संसद इस मौके पर उन्हें विशेष रूप से सम्मानित करेगी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक मील का पत्थर है, बल्कि यह देश के वैज्ञानिक सामर्थ्य और भविष्य की संभावनाओं को भी दर्शाता है।
रिजिजू ने उम्मीद जताई कि जैसे संसद ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर पर एकजुट होकर चर्चा की थी, उसी तरह सभी राजनीतिक दल इस चर्चा में भाग लेंगे और कैप्टन शुभांशु शुक्ला के साथ-साथ भारतीय वैज्ञानिक समुदाय को उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई देंगे।
यह चर्चा भारत की बढ़ती अंतरिक्ष क्षमता और वैज्ञानिक सोच को लेकर संसद में एक सकारात्मक संवाद की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
