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जले हुए चेहरे पर लौटेगी मुस्कान, एम्स में मुफ्त में होगा रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी

Date : 20-Aug-2025

नई दिल्ली, 20 अगस्त। अब एसिड अटैक या फिर आग से जले हुए चेहरे पर फिर से रौनक लौट सकेगी। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में ऐसे मरीजों की निशुल्क रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी की शुरुआत की है। बुधवार को एम्स दिल्ली में 'रोटरी रिस्टोरिंग स्माइल्स: इंटरनेशनल रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी मिशन एंड एजुकेशन क्लिनिक' का उद्घाटन किया गया।

एम्स के बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. मनीष सिंघल ने बताया कि रोटाप्लास्ट इंटरनेशनल अमेरिका और रोटरी क्लब ऑफ दिल्ली-रिस्टोरिंग स्माइल्स के सहयोग से बर्न इंजरी के निशान और त्वचा की सिकुड़न से पीड़ित मरीजों की मुफ्त रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी की जाएगी। इससे जहां अग्निकांड में दुर्घटनाग्रस्त लोगों, जन्मजात कटे होंठ व अन्य विकृति वाले मरीजों, एसिड अटैक सर्वाइवर के आत्मविश्वास को बहाल करने में मदद मिलेगी। वहीं उनके चेहरे पर खूबसूरत मुस्कान लाई जा सकेगी।

डॉ. सिंघल ने बताया कि 20 बच्चों सहित करीब 51 मरीजों की मुफ्त प्लास्टिक सर्जरी के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, फिलीपींस और नीदरलैंड से 11 विशेषज्ञों की टीम भारत आई है। यह टीम एम्स दिल्ली के प्लास्टिक सर्जनों, एनेस्थेसियोलॉजिस्टों के साथ वंचितों की सर्जरी संपन्न करेगी। जिससे करीब 50 से ज्यादा वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों, ओटी तकनीशियनों और नर्सिंग छात्रों को अपने कौशल में वृद्धि करने में मदद मिलेगी। यह 10 दिवसीय सर्जरी कार्यक्रम एक शिक्षा क्लिनिक की भूमिका भी निभाएगा।

इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. निरुपम मदान, डॉ. वी. डार्लोंग, डॉ. वंदना कपूर, गौरव आहूजा, रोटरी क्लब ऑफ दिल्ली 3011 के अजित जालान, अशोक कंटूर और रोटाप्लास्ट इंटरनेशनल की मिशन निदेशक डॉ. संगीता शेषाद्रि मौजूद रहे। डॉ. मदान ने कहा, यह मिशन मरीजों को ठीक करने के अलावा हमारे युवा डॉक्टरों के कौशल में भी इजाफा करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में गुणवत्तापूर्ण देखभाल की सुविधा अनगिनत लोगों तक पहुंच सके।

उल्लेखनीय है कि भारत में हर साल अनुमानित 60-70 लाख बर्न इंजरी होती हैं, जिनमें से 20 प्रतिशत को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है और भर्ती होने वाले मरीजों में से लगभग 80 प्रतिशत में बर्न संबंधी जटिलताएं विकसित हो जाती हैं।


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