भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उपग्रह-आधारित निजी इंटरनेट सेवा प्रदाता स्टारलिंक के साथ साझेदारी की घोषणा की है। इस सहयोग का उद्देश्य देशभर, विशेष रूप से दूरदराज और सीमांत क्षेत्रों में निर्बाध आधार-आधारित ग्राहक सत्यापन को सक्षम बनाना है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि एक वैश्विक उपग्रह इंटरनेट सेवा प्रदाता द्वारा आधार प्रमाणीकरण को अपनाना भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे की मापनीयता और विश्वसनीयता को दर्शाता है।
मंत्रालय ने इस साझेदारी को सेवा वितरण में नवाचार को बढ़ावा देने वाला करार देते हुए कहा कि आधार पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ-साथ डिजिटल समावेशन का एक शक्तिशाली उपकरण बन गया है।
आधार को जीवन में और व्यापार में सुगमता का एक प्रमुख उत्प्रेरक मानते हुए मंत्रालय ने बताया कि बायोमेट्रिक और चेहरा प्रमाणीकरण जैसे सुविधाजनक समाधानों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है, जिससे उपयोगकर्ताओं को पहचान सत्यापन की प्रक्रिया में अधिक सुविधा और सहजता मिल रही है।
यूआईडीएआई और स्टारलिंक की यह साझेदारी डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को साकार करने और देश के सभी नागरिकों तक सुरक्षित और विश्वसनीय डिजिटल सेवाएं पहुंचाने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।
