कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने जून 2025 में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 21.89 लाख सदस्यों का शुद्ध जुड़ाव दर्ज किया है। यह आंकड़ा अप्रैल 2018 में पेरोल डेटा ट्रैकिंग की शुरुआत के बाद से अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है और इसमें 9.14 प्रतिशत की मासिक वृद्धि दर्ज की गई है।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस महीने लगभग 10.62 लाख नए अंशधारक ईपीएफओ से जुड़े हैं, जो मई 2025 की तुलना में 12.68 प्रतिशत और पिछले वर्ष जून की तुलना में 3.61 प्रतिशत अधिक है। यह दर्शाता है कि संगठित क्षेत्र में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।
खास तौर पर 18-25 आयु वर्ग में सबसे अधिक नए अंशधारकों का जुड़ाव देखने को मिला, जिनकी संख्या लगभग 6.39 लाख रही। यह समूह आमतौर पर पहली बार नौकरी करने वालों को दर्शाता है, जिससे रोजगार सृजन की दिशा में सकारात्मक संकेत मिलता है।
इसके अलावा, महिला अंशधारकों की भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। जून 2025 में तीन लाख से अधिक नई महिला सदस्य ईपीएफओ से जुड़ीं, जो पिछले महीने की तुलना में करीब 15 प्रतिशत अधिक है। यह महिलाओं की कार्यबल में बढ़ती भागीदारी और आर्थिक सशक्तिकरण की ओर इशारा करता है।
ईपीएफओ के ये आँकड़े देश में श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा कवरेज के विस्तार और औपचारिक रोजगार में वृद्धि को दर्शाते हैं।
