माओवादी सशस्त्र संघर्ष को अस्थायी रूप से रोकने को तैयार, कथित पर्चे की जांच कर रही पुलिस | The Voice TV

Quote :

“स्वयं जैसे हो वैसे ही रहो; बाकी सब तो पहले से ही कोई और बन चुके हैं।” ― ऑस्कर वाइल्ड

National

माओवादी सशस्त्र संघर्ष को अस्थायी रूप से रोकने को तैयार, कथित पर्चे की जांच कर रही पुलिस

Date : 17-Sep-2025

जगदलपुर, 17 सितंबर। प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने एक कथित पर्चे में दावा किया है कि वह अस्थायी तौर पर अपना सशस्त्र संघर्ष रोकने के लिए तैयार है। नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी सीपीआई (माओवादी) के प्रवक्ता अभय द्वारा हस्ताक्षरित इस कथित नोट में कहा गया है कि उनकी पार्टी फिलहाल अस्थायी तौर पर हथियारबंद संघर्ष को रोकने और शांति वार्ता के लिए तैयार है। नक्सली नेता अभय का यह पत्र 15 अगस्त का है, जो साेसल मीडिया में वायरल हो रहा है। हालांकि इस पर बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने कहा है कि इस पत्र की जांच की जा रही है।

बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि नक्सलियों के इस पर्चे की जांच कर रहे हैं। जब हम पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएंगे, उसके बाद ही कुछ प्रतिक्रिया दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पर्चे में जिस नक्सली की तस्वीर है वह नक्सली लीडर अभय है। बस्तर आईजी ने कहा कि यह फिर से स्पष्ट किया जाता है कि सीपीआई (माओवादी) के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत या संवाद पर निर्णय के संबंध में सरकार फैसला लेगी।

माओवादी संगठन ने पर्चे में कहा कि वे सरकार से गंभीर और ईमानदार पहल की उम्मीद कर रहे हैं। नक्सली नेता अभय ने कहा कि उसने 2024 से चल रहे अभियान में पुलिस और सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ों का सामना किया है, जिसमें दोनों ओर से नुकसान हुआ है। इसी पृष्ठभूमि में पार्टी ने यह निर्णय लिया है कि एक महीने तक सरकार से संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए और जेल में कैद माओवादी नेताओं को भी वार्ता में शामिल करने का अवसर दिया जाए। अगर सरकार वास्तव में वार्ता चाहती है, तो केंद्र सरकार से हमारा अनुरोध है कि देशभर से अलग-अलग राज्यों में काम कर रहे और जेल में बंद साथियों से सलाह मशविरा करने के लिए हमें एक माह का समय दें। नक्सली लीडर ने कहा कि इस विषय पर प्राथमिक रूप से सरकार के साथ वीडियो कॉल के जरिए विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए भी हम तैयार हैं।

नक्सली लीडर अभय ने कहा कि हथियारबंद संघर्ष को अस्थाई रूप से विराम घोषित करने का निर्णय लिया है। हम यह स्पष्ट कर रहे हैं कि भविष्य में हम जन समस्याओं पर तमाम राजनीतिक पार्टियों एवं संघर्षरत संस्थाओं से जहां तक संभव हो कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेंगे। इस विषय पर वार्ता के लिए हम तैयार हैं लेकिन हमारे इस बदले हुए विचार से पार्टी को अवगत कराना पड़ेगा, यह हमारा दायित्व है। बाद में पार्टी के अंदर इस पर सहमति जताने वाले साथियों में से एक प्रतिनिधिमंडल तैयार कर शांतिवार्ता में शिरकत करेंगे। वर्तमान में हमारे संपर्क में समिति कैडर और कुछ नेतृत्वकारी साथी संपूर्ण सहमति जता रहे हैं।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement