भारत के मत्स्य पालन विभाग ने संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के साथ मिलकर देश में ब्लू पोर्ट अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस उद्देश्य के लिए दोनों पक्षों के बीच एक तकनीकी सहयोग कार्यक्रम (TCP) समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
इस पहल के तहत 369.8 करोड़ रुपये के निवेश से तीन पायलट बंदरगाहों—गुजरात में जखाऊ, पुडुचेरी में कराईकल और दीव में वनकबारा—के विकास को मंज़ूरी दी गई है। इन बंदरगाहों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा ताकि मत्स्य उद्योग को एक नई दिशा दी जा सके।
मत्स्य पालन विभाग के सचिव, डॉ. अभिलक्ष लिखी ने इस अवसर पर कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसी मत्स्य पालन प्रणालियाँ विकसित करना है जो पारिस्थितिक रूप से संतुलित, आर्थिक रूप से व्यवहार्य और सामाजिक रूप से समावेशी हों। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि 5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसी अत्याधुनिक तकनीकों की सहायता से मत्स्य बंदरगाहों की कार्यक्षमता और सेवा वितरण में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सकता है।
यह साझेदारी न केवल भारत की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को मज़बूती प्रदान करेगी, बल्कि समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग को भी बढ़ावा देगी।
