प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 'जीएसटी बचत उत्सव' की औपचारिक शुरुआत करते हुए कहा कि यह देश की कर प्रणाली में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय है, जिससे कर प्रणाली अब और अधिक सरल, पारदर्शी और जन-अनुकूल बन जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं पर कर का बोझ घटाकर आम नागरिकों को सीधी आर्थिक राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार द्वारा लागू किए गए अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों का प्रमुख लाभ ऑटोमोबाइल सेक्टर को मिला है। आज से लागू इन सुधारों के तहत:
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दोपहिया वाहन, बाइक और छोटी कारों पर अब 28% की जगह 18% जीएसटी लगेगा।
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बड़ी कारों पर कर को 40% पर सीमित किया गया है और उन पर सेस (उपकर) हटा दिया गया है, जिससे उनकी कुल कीमतों में कमी आएगी।
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मोटर वाहनों और मोटरसाइकिलों के निर्माण में प्रयुक्त होने वाले ऑटो कंपोनेंट्स पर भी अब 18% की दर से कर लिया जाएगा, जो पहले की तुलना में काफी कम है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस निर्णय से न केवल उपभोक्ताओं के लिए वाहन खरीदना सस्ता होगा, बल्कि घरेलू विनिर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्थानीय नागरिकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भी सरकार के इस कदम का स्वागत किया और कहा कि वाहन अब अधिक सुलभ और किफायती होंगे। इससे मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी और वाहन उद्योग को नई गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी दोहराया कि यह सुधार आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो नवाचार, निर्माण और उपभोग के संतुलन को मजबूती देगा।
