जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (डीडीडब्ल्यूएस) ने जल जीवन मिशन के तहत जिला-स्तरीय नेतृत्व और नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज पहला जिला कलेक्टर पेयजल संवाद आयोजित किया। इस संवाद का लक्ष्य ज़िलों में स्थायी और प्रभावी जल सेवा वितरण को सुनिश्चित करने के लिए बेहतर प्रशासन, पारस्परिक सीख और नीतिगत सुधारों को बढ़ावा देना था।
डीडीडब्ल्यूएस के सचिव अशोक के.के. मीणा ने अपने उद्घाटन भाषण में बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत अब तक 81% से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मिशन अब अपने अगले चरण में प्रवेश कर रहा है, जिसका फोकस संस्थागत सुदृढ़ीकरण, जवाबदेही और स्थायित्व पर है।
उन्होंने यह भी कहा, “यह संवाद ऐसा मंच है जहाँ ज़िला कलेक्टर अपने अनुभव साझा कर सकते हैं, जिससे राज्यों के बीच नवाचार की भावना को बढ़ावा मिलेगा और जल प्रबंधन में नीतिगत बदलावों की दिशा मिल सकेगी।”
कार्यक्रम में मेघालय (ईस्ट खासी हिल्स), ओडिशा (गंजम), महाराष्ट्र (रत्नागिरी), असम (चराईदेव), छत्तीसगढ़ (धमतरी) और त्रिपुरा (नॉर्थ त्रिपुरा) के ज़िला कलेक्टरों ने अपने-अपने क्षेत्रों में की गई स्थायी ग्रामीण जल सेवा वितरण की अभिनव पहलों पर प्रस्तुतियाँ दीं। इन पहलों में तकनीक का उपयोग, समुदाय आधारित निगरानी और जल स्रोत प्रबंधन जैसी रणनीतियाँ शामिल थीं।
यह संवाद जल जीवन मिशन के सफल कार्यान्वयन के लिए स्थानीय प्रशासन की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करता है और यह दर्शाता है कि कैसे ज़िला स्तर पर नेतृत्व और नवाचार मिशन के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने में मदद कर सकते हैं।
