राजस्थान के जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर कल दोपहर करीब साढ़े तीन बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जब एक एसी स्लीपर बस में आग लग गई। इस हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों और रिपोर्टों के अनुसार, बस में सवार 50 से अधिक यात्री यात्रा कर रहे थे, जब अचानक आग लग गई। 19 लोग मौके पर ही जलकर मर गए, जबकि एक व्यक्ति ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। 15 यात्री घायल हैं, जिनमें कई 70 प्रतिशत तक झुलस गए हैं। घायलों को जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पोकरण विधायक प्रतापपुरी ने मीडिया को बताया कि हादसे में 20 लोगों की जान गई है और शुरुआती जांच में हादसे का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। जैसलमेर के ज़िला कलेक्टर प्रताप सिंह ने मृतकों और लापता लोगों के परिजनों से जिला प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है। उन्होंने यह भी कहा कि मृतकों की पहचान डीएनए परीक्षण के ज़रिए की जाएगी क्योंकि शव बुरी तरह से जल चुके हैं।
नेताओं और अधिकारियों की प्रतिक्रिया:
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मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने दुर्घटनास्थल का दौरा किया और जोधपुर अस्पताल में घायलों से मुलाकात कर उनकी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सभी पीड़ितों के लिए उचित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भीषण हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
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राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया पर इसे “बेहद दुखद घटना” बताया और शोक-संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
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प्रधानमंत्री मोदी ने मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50 हज़ार की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
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यह हादसा एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा उपायों और इलेक्ट्रिकल फिटिंग की जांच की गंभीर आवश्यकता को उजागर करता है। घटना की जांच जारी है।
