केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) को और अधिक प्रभावी और सशक्त बनाने के लिए रणनीतियों पर विचार-विमर्श हेतु नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत में 731 केवीके कार्यरत हैं और इनका विस्तार कर छोटे किसानों के लाभ के लिए इन्हें और मज़बूत बनाना आवश्यक है। श्री चौहान ने कहा कि केवीके किसानों तक प्रौद्योगिकी, प्रशिक्षण और कृषि नवाचारों को पहुँचाने का प्रमुख माध्यम हैं।
उन्होंने केवीके को एकीकृत कृषि और प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने वाली आदर्श पहल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, मंत्री ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अधिकारियों को केवीके को वित्तीय, मानव संसाधन और तकनीकी सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि उनकी दक्षता और प्रभावशीलता में सुधार हो सके।
