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आईआईटी खड़गपुर के निदेशक ने जर्मनी में किया भारत का प्रतिनिधित्व

Date : 10-Nov-2025

बर्लिन/खड़गपुर, 10 नवम्बर । भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर के निदेशक प्रोफेसर सुमन चक्रवर्ती ने जर्मनी की राजधानी बर्लिन में आयोजित प्रतिष्ठित फॉलिंग वॉल्स विज्ञान सम्मेलन-2025 में भारत का प्रतिनिधित्व किया। यह सम्मेलन विश्व स्तर पर वैज्ञानिक नवाचार, नीतिगत संवाद और वैश्विक सहयोग को प्रोत्साहन देने वाला प्रमुख मंच माना जाता है।

इस वर्ष के सम्मेलन में प्रो. चक्रवर्ती किसी भी भारतीय संस्थान के एकमात्र शिक्षाविद प्रमुख थे जिन्हें आमंत्रण प्राप्त हुआ। इस शिखर सम्मेलन में नोबेल पुरस्कार विजेता, वैश्विक नीति-निर्माता, उद्योग जगत के अग्रणी, नवोन्मेषक और विश्वविद्यालयों के शीर्ष प्रतिनिधि एकत्र हुए थे।

विश्वविद्यालय कुलपतियों के वैश्विक संवाद सत्र के दौरान प्रो. चक्रवर्ती ने आईआईटी खड़गपुर की अकादमिक उत्कृष्टता, बहुविषयी शोध संस्कृति और नवाचार-केन्द्रित दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि संस्थान शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार को सशक्त बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा दे रहा है।

सम्मेलन के दौरान प्रो. चक्रवर्ती ने कई वैश्विक विज्ञान नेताओं और नीति-निर्माताओं के साथ द्विपक्षीय चर्चा की। इनमें फॉलिंग वॉल्स विज्ञान प्रतिष्ठान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक एंड्रियास के. कॉस्मिडिस के साथ आईआईटी खड़गपुर में विश्व स्तरीय विज्ञान नेतृत्व कार्यक्रम आयोजित करने की संभावनाओं पर बातचीत शामिल रही।

इसके अलावा, प्रो. चक्रवर्ती ने मेक्सिको की उप सचिव (मानवीय एवं वैज्ञानिक अनुसंधान) डॉ. वायोलेटा वास्केज़-रोज़ास तथा जर्मनी में मेक्सिको के राजदूत महामहिम फ्रांसिस्को क्विरोगा से भारत–मेक्सिको विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहयोग को सुदृढ़ करने पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान भारतीय दूतावास, बर्लिन के विज्ञान सलाहकार डॉ. रामानुज बनर्जी भी उपस्थित रहे।

जर्मनी के एफ़एआईआर (एंटीप्रोटॉन और आयन अनुसंधान केंद्र) और डीईएसवाई (जर्मन इलेक्ट्रॉन-सिंक्ट्रोट्रॉन) संस्थानों के शीर्ष वैज्ञानिकों प्रो. थॉमस निल्सन, श्री जोर्ग ब्लाउरॉक और डॉ. फ्रैंक लेह्नर के साथ हुई बैठक में भारत–जर्मनी संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं और आईआईटी खड़गपुर की प्लेटिनम जयंती के अवसर पर हुए समझौते (एमओयू) की पुनः पुष्टि पर चर्चा की गई।

प्रो. चक्रवर्ती ने कहा कि आईआईटी खड़गपुर और भारत का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए अत्यंत सम्मान की बात है। फॉलिंग वॉल्स में प्रदर्शित सहयोग और नवाचार की भावना हमारे इस मिशन को और सुदृढ़ करती है कि आईआईटी खड़गपुर को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और सामाजिक परिवर्तन का वैश्विक केंद्र बनाया जाए।


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