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आईएसआई समर्थित अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

Date : 22-Nov-2025

नई दिल्ली, 22 नवंबर । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह ड्रोन के जरिये पाकिस्तान से अत्याधुनिक विदेशी पिस्टल भारत में तस्करी कर रहा था। पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े चार प्रमुख तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 हाई-एंड सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 92 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इन हथियारों में पीएक्स -5.7 तुरकीये निर्मित पिस्टल भी शामिल है, जिसका उपयोग विशेष बलों द्वारा किया जाता है।

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त संजीव यादव ने शनिवार काे बताया कि क्राइम ब्रांच को 19 नवंबर को सूचना मिली थी कि अंतरराज्यीय हथियार तस्कर दिल्ली के रोहिणी इलाके में विदेशी हथियारों की खेप देने आने वाले हैं। जानकारी के आधार पर इंस्पेक्टर मन सिंह व इंस्पेक्टर सुंदर गौतम की टीम ने सेक्टर-28, रोहिणी स्थित खाटू श्याम मंदिर के पास जाल बिछाया। इसी दौरान सफेद स्विफ्ट डिज़ायर कार मौके पर पहुंची। तलाशी में कार के स्पीकर बॉक्स के अंदर छिपाया गया एक डफल बैग मिला, जिसमें आठ विदेशी पिस्टल और 84 कारतूस थे।

पकड़े गए आराेपिताें की पहचान जालंधर निवासी मनीदीप सिंह, दलविंदर कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि वे विदेशी हैंडलरों के संपर्क में हैं और भारत भर में अलग-अलग गैंगों को हथियार सप्लाई करते हैं। उनकी निशानदेही पर गिरोह के दो और सदस्य रोहन तोमर और अजय उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से दो और पिस्टल व आठ कारतूस बरामद हुए।

ड्रोन से होती थी पाकिस्तान से सप्लाई

जांच में खुलासा हुआ कि हथियार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये रात के समय भारतीय सीमा में गिराए जाते थे। गिरोह जीपीएस लोकेशन के आधार पर पैकेट उठाता था। हथियारों को कार्बन पेपर में लपेटा जाता था ताकि जांच में पकड़ न आए। गिरोह का संचालन विदेश में बैठे गैंगस्टर सोनू खत्री उर्फ राजेश कुमार के इशारों पर होता था, जो इस समय अमेरिका में है। उसका सहयोगी जसप्रीत उर्फ जस आईएसआई समर्थित मॉड्यूल से हथियार मंगवाता था।

गिरोह के सदस्यों का आपराधिक बैकग्राउंड

मनीदीप सिंह हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट और एनडीपीएस सहित कई मामलों में वांछित रहा है। जबकि दलविंदर आर्थिक तंगी के चलते हथियार तस्करी में शामिल हुआ। वहीं रोहन तोमर गोगी, भाऊ और नंदू गैंग को हथियार सप्लाई करता रहा है। इससे पहले उसके पास से 17 पिस्टल और 700 कारतूस भी बरामद हो चुके हैं। वहीं अजय उर्फ मोनू भी कई गैंगों को सप्लाई करता था और पहले चोरी के मामलों में गिरफ्तार हो चुका है।


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