मप्र के सेंधवा में अवैध हथियार फैक्टरी का भंडाफोड़, निर्माण सामग्री और अधबने कट्टे-पिस्टल बरामद | The Voice TV

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मप्र के सेंधवा में अवैध हथियार फैक्टरी का भंडाफोड़, निर्माण सामग्री और अधबने कट्टे-पिस्टल बरामद

Date : 22-Nov-2025

बड़वानी, 22 नवंबर। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले की सेंधवा तहसली अंतर्गत वरला थाना क्षेत्र के उमर्टी गांव में शनिवार सुबह दो राज्यों की पुलिस ने अवैध हथियार बनाने वाली एक बड़ी फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त टीम ने सुबह 4 बजे दबिश देकर उक्त कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस को मौके से हथियार निर्माण में उपयोग होने वाली भारी मात्रा में सामग्री, मशीनें, औजार और उपकरण बरामद हुए। कई अधबने कट्टे और पिस्टल भी मिले हैं। कार्रवाई में 7 आरोपितों की गिरफ्तारी हुई है।

एसडीओपी अजय वाघमारे ने बताया कि महाराष्ट्र की पुणे पुलिस ने हाल ही में कुछ आरोपितों को अवैध हथियारों के साथ पकड़ा था। पूछताछ में पता चला कि ये हथियार उमर्टी गांव से खरीदे गए थे। इसी इनपुट के आधार पर महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश पुलिस ने संयुक्त रूप से यह बड़ी कार्रवाई की। इस संयुक्त ऑपरेशन को मध्य प्रदेश के बड़वानी एसपी जगदीश डावर और महाराष्ट्र के पुणे डीसीपी ज़ोन-4 डॉ. सोमय मुंडे ने लीड किया। दोनों राज्यों की कई विशेष टीमें इस पूरे अभियान में सक्रिय रहीं। इस दौरान सात आरोपितों को गिरफ्तार कर महाराष्ट्र पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है, जबकि वरला पुलिस की कार्रवाई अभी भी जारी है।

वहीं बड़वानी के पुलिस अधीक्षक जगदीश डावर ने बताया कि पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि सेंधवा क्षेत्र में अवैध हथियार सप्लाई किए जा हो रहे हैं। जिसके बाद टीम ने कई दिनों तक क्षेत्र में गुप्त निगरानी की। पुख्ता इनपुट मिलने के बाद शनिवार सुबह संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया। अभियान में दोनों राज्यों के 250 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुणे पुलिस, मध्य प्रदेश एटीएस, बड़वानी, खरगोन और खंडवा पुलिस की टीमें इस कार्रवाई में मौजूद थीं। पुलिस को मौके से भारी मात्रा में अवैध हथियार बनाने का सामान मिला है। जब्त सामग्री से लगभग 500 से अधिक अवैध हथियार तैयार किए जा सकते थे। यह फैक्टरी जंगल और पहाड़ी क्षेत्र की आड़ में लंबे समय से संचालित हो रही थी। उन्होंने इसे अवैध हथियार तस्करों पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बताया। बरामद हथियारों और उपकरणों की जांच फोरेंसिक टीम करेगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि हथियार किन जिलों और राज्यों में सप्लाई किए जा रहे थे।

पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क कई जिलों में फैला हो सकता है और इसके पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय है। टीम अब जब्त मोबाइल फोन, दस्तावेजों और कॉल डिटेल्स के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।


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