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धान के खेतों में हाथियों का उत्पात, किसानों में बढ़ा आक्रोश

Date : 01-Dec-2025

 पश्चिम मेदिनीपुर, 01 दिसंबर। ज़िले के नरायणगढ़ थाना क्षेत्र में हाथियों के आतंक से ग्रामीणों का जीवन असहनीय हो उठ हुआ है। सुवर्णरेखा नदी पार कर आई एक दंतैल हाथी सहित चार हाथियों का झुंड बीते कई दिनों से पके धान के खेतों में लगातार नुकसान मचा रहा है। इससे किसानों में भारी क्षोभ और वन विभाग में चिंता का माहौल है।

सूत्रों के अनुसार, बेलदा रेंज के अंतर्गत नारायणगढ़ बीट कार्यालय के पास बेलटी, सीतली, नूतनडिही, बांसचाटी, धानघोरी, महुलडांगा सहित कई गांवों में प्रतिदिन शाम से रातभर हाथियों का हमला जारी है। सबसे पहले हिजली रेंज से दो हाथी आए, उसके बाद केशियाड़ी की दिशा से एक हाथी जुड़ गया। शनिवार देर रात सुवर्णरेखा नदी पार कर कुलबनी जंगल से एक बड़ा दंतैल हाथी भी इस झुंड में शामिल हो गया।

वन विभाग के अनुसार, इन इलाकों में धान कटाई अभी बाकी है। इसी कारण हाथियों ने खेतों की ओर रुख किया है जबकि आसपास के अन्य हिस्सों में कटाई पहले ही हो चुकी है।

मिली जानकारी के अनुसार, हाथी नयाग्राम और हिजली के जंगलों से धीरे-धीरे ग्रामीण इलाकों में प्रवेश कर रहे हैं। वन विभाग की हुला पार्टी लगातार हाथियों को खदेड़ने की कोशिश में जुटी है, लेकिन गहरे जंगल और कठिन भू-भाग के कारण अभियान सफल नहीं हो पा रहा। दिन में हाथी जंगलों के भीतर छिप जाते हैं और रात में धान के खेतों में उतर आते हैं। इससे हाथियों को नियंत्रित करना चुनौती बन गया है।

बेलदा रेंजर तौहीद अंसारी ने बताया कि वर्तमान में तीन हाथी बेलटी बीट क्षेत्र में मौजूद हैं, जबकि एक बड़ा दंतैल नदी पार कर उनके साथ जुड़ चुका है। चारों हाथियों को जंगल में वापस भेजने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि धान के पके खेतों की वजह से हाथी क्षेत्र छोड़ना नहीं चाह रहे। फिर भी हम लगातार प्रयास कर रहे हैं कि उन्हें सुरक्षित रूप से जंगल की ओर वापस ले जाया जाए।

लगातार हो रहे फसल नुकसान के कारण किसानों में भारी नाराज़गी है। स्थानीय लोग जल्द से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं ताकि खेतों और जान–माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।


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