ऑपरेशन सिंदूर में दिखाई सैन्य ताकत, हमने अपनी शर्तों पर युद्ध को रोका : राजनाथ | The Voice TV

Quote :

“स्वयं जैसे हो वैसे ही रहो; बाकी सब तो पहले से ही कोई और बन चुके हैं।” ― ऑस्कर वाइल्ड

National

ऑपरेशन सिंदूर में दिखाई सैन्य ताकत, हमने अपनी शर्तों पर युद्ध को रोका : राजनाथ

Date : 30-Apr-2026

 नई दिल्ली, 30 अप्रैल । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय सुरक्षा शिखर सम्मेलन में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को साफ संदेश दिया कि किसी भी हालत में आतंकवाद की कोई भी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर को इस खतरे के खिलाफ सरकार के पक्के इरादे का सबूत बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद एक गलत सोच से निकलता है, जिसे धार्मिक रंग देकर या हिंसक सोच से जोड़कर सही ठहराने की कोशिश की जाती है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद एक बिगड़ी हुई और गलत सोच से पैदा होता है। यह इंसानियत पर एक काला धब्बा है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ नेशनल सिक्योरिटी का मामला नहीं, बल्कि यह असल में इंसानियत के खास मूल्यों की रक्षा करने की लड़ाई है। यह एक ऐसी वहशी सोच के खिलाफ लड़ाई है, जो हर इंसानी मूल्य के सीधे खिलाफ है। हमने देश और विदेश दोनों जगह इस भारतीय नजरिए को साफ तौर पर बताया है। आतंकवाद सिर्फ एक देश विरोधी काम नहीं है। इसके कई पहलू हैं- ऑपरेशनल, वैचारिक और राजनीतिक। इससे तभी निपटा जा सकता है, जब हम इन सभी पहलुओं से निपटें।

रक्षा मंत्री ने कहा कि जब तक आतंकवाद रहेगा, यह सबकी शांति, विकास और खुशहाली को चुनौती देता रहेगा। आतंकवाद को धार्मिक रंग देकर या नक्सलवाद जैसी हिंसक सोच से जोड़कर उसे सही ठहराने की कोशिश की जाती है। यह बहुत खतरनाक है और एक तरह से आतंकवादियों को कवर फायर देता है, ताकि वे धीरे-धीरे अपने मकसद की ओर बढ़ सकें। आतंकवाद को पाकिस्तान के लगातार सहयोग पर राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों एक ही समय पर आजाद हुए थे, लेकिन आज भारत दुनिया भर में ‘इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी’ के लिए जाना जाता है, जबकि पाकिस्तान को ‘इंटरनेशनल टेररिज्म’ का केंद्र माना जाता है।

राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सशस्त्र बलों के मिल-जुलकर काम करने और तालमेल का एक शानदार उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि तीनों सेनाओं ने मिलकर और एक योजना के तहत काम किया, जिससे यह पक्का हो गया कि भारत की सैन्य ताकत अब अकेले काम नहीं करती, बल्कि यह एक मिली-जुली, इंटीग्रेटेड और ग्लोबल ताकत के तौर पर उभरी है। राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत किसी के झांसे या न्यूक्लियर हमले की धमकी में नहीं फंसा और तय लक्ष्यों को पूरा किया। यह एक ऐसा भारत है, जो आतंकवाद और उसे प्रायोजित करने वालों के बीच कोई फर्क नहीं करता।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement