चक्रवात दित्वा से हुई भारी तबाही के बीच भारत का ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ श्रीलंका के राहत एवं बचाव प्रयासों को नई गति दे रहा है। श्रीलंका के आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार, सभी 25 जिलों में अब तक 465 लोगों की मौत हो चुकी है, 366 लोग लापता हैं और 15.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र कैंडी है।
मध्य प्रांत में भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर IFC 1875 ने मंदारम नुवारा में 2,000 किलोग्राम राहत सामग्री पहुँचाई और इरुंगुवाट्टा से 17 लोगों को सुरक्षित निकाला, जिनमें एक हृदय रोगी भी शामिल था। एक अन्य उड़ान ने कोटमाले से 24 यात्रियों—जिनमें एक गर्भवती महिला, पाँच बच्चे और विदेशी नागरिक शामिल थे—को कोलंबो पहुँचाया। वहीं, हेलीकॉप्टर IFC 1885 ने 2,000 किलोग्राम सहायता सामग्री और 19 सैनिकों को पोरामदुल्ला पहुँचाया।
मानवता की बड़ी मदद उस समय पहुँची जब भारतीय वायुसेना का एक सी-17 विमान फील्ड अस्पताल और 70 से अधिक चिकित्सा कर्मियों के साथ महियांगनया पहुँचा, जहां स्थानीय बेस अस्पताल गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था।
भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने कोलंबो के पास सेदावट्टा में एनडीआरएफ के राहत अभियानों का निरीक्षण किया। यहां टीमें 6–10 फीट पानी में डूबे घरों में जाकर लोगों को निकाल रही हैं। एनडीआरएफ ने कल 43 लोगों को सुरक्षित बचाया और सबसे अधिक जोखिम वाले इलाकों में बचाव अभियान लगातार जारी हैं।
