09 दिसंबर । केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा है कि भारत दुनिया की सात प्रमुख बिग कैट्स प्रजातियों और उनके आवासों के लिए एक सुरक्षित और स्थायी भविष्य सुनिश्चित करने हेतु वैश्विक साझेदारों के साथ निरंतर कार्य करता रहेगा। उन्होंने यह बात नई दिल्ली में बिग कैट्स संरक्षण के लिए सहयोगी पहल पर आयोजित एक उच्च-स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए कही।
श्री यादव ने ज़ोर देकर कहा कि बाघ, शेर, हिम तेंदुआ, चीता, प्यूमा और जगुआर जैसी बिग कैट्स पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने और पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने भारत के संरक्षण दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए बताया कि देश नवाचार-आधारित, प्रकृति-संगत समाधानों को अपनाता है, जो भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से गहराई से जुड़े हैं। उनके अनुसार, आर्थिक प्रगति को केवल पारंपरिक पैमानों से नहीं, बल्कि पारिस्थितिक संतुलन को सुदृढ़ करने के दृष्टिकोण से भी देखा जाना चाहिए।
यह बैठक अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) के तहत आयोजित की गई, जिसमें बिग कैट्स को आश्रय देने वाले देशों के राजदूतों और उच्चायुक्तों ने भाग लिया। बैठक के दौरान श्री यादव ने इन सभी देशों को बिग कैट्स और उनके आवासों के संरक्षण से संबंधित रणनीतियाँ, अनुभव और सर्वोत्तम प्रथाएँ साझा करने के लिए आमंत्रित किया, क्योंकि भारत अगले वर्ष नई दिल्ली में बिग कैट्स प्रजातियों के वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी करेगा। गठबंधन की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि आईबीसीए एक ऐसा मंच है, जहां देश एक-दूसरे से सीख सकते हैं, अपनी क्षमताओं को साझा कर सकते हैं और प्रजातियों की रक्षा, पारिस्थितिक तंत्र की सुरक्षा और आने वाली पीढ़ियों के लिए जलवायु लचीलापन सुनिश्चित करने में वैश्विक साझेदारी को मजबूत कर सकते हैं।
