कोलकाता, 29 अप्रैल । पश्चिम बंगालविधानसभा चुनाव के पहले चरण में हुए रिकार्ड मतदान के बाद दूसरे और आखिरी चरण में भी छिटपुट हिंसा ओर तनाव के बीच बंपर वोटिंग हुई है। राजधानी कोलकाता सहित दक्षिण बंगाल के सात जिलों की 142 सीटों के लिये शाम पांच बजे तक 89.99 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है।
निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आंकड़ो के अनुसार, शाम 5 बजे तक पूर्व बर्धमान में सबसे अधिक 92.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया जबकि सबसे कम 86.11 प्रतिशत मतदान कोलकाता दक्षिण में हुआ है। इसके अलावा हुगली जिले में 90.34 प्रतिशत, हावड़ा में 89.44 प्रतिशत, कोलकाता उत्तर में 87.77 प्रतिशत मतदान हुआ है। उधर नदिया जिले में 90.27 प्रतिशत, उत्तर 24 परगना में 89.74 प्रतिशत, तथा दक्षिण 24 परगना में 89.57 प्रतिशत मतदान हुआ है।
दूसरे और आखिरी चरण में कुल 1,448 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य ईवीएम में कैद हो गया। इस चरण में कई हैवीवेट उम्मीदवार मुकाबलें में हैं। इनमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी भवानीपुर सीट पर आमने-सामने हैं। इसके अलावा राज्य के मंत्री फिरहाद हकीम, अरूप बिश्वास, जावेद खान, सुजीत बसु, शशि पांजा समेत ममता सरकार के कई मंत्री, बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार, माकपा की तेज-तर्रार नेता मीनाक्षी मुखर्जी और दीप्शिता धर शामिल हैं। आरजी कर अस्पताल में दुष्कर्म और हत्या की शिकार हुईं डॉक्टर की मां रत्ना देवनाथ एवं संदेशखाली आंदोलन का चेहरा रेखा पात्र भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार हैं।
दक्षिण बंगाल के सात जिलों कोलकाता, हावड़ा, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हुगली, नदिया और पूर्व बर्धमान की 142 सीटों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गये थे। राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के साथ-साथ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) भी मतदान प्रक्रिया पर पूरे दिन नजर बनाये रही।मतदान वाले इलाकों में केंद्रीय बलों की 2,231 कंपनियों यानी दो लाख से अधिक जवानों की तैनाती की गई थी। सबसे अधिक 274 कंपनियां केंद्रीय बल की तैनाती राजधानी कोलकाता में की गई। जबकि पूर्व बर्दवान जिले में 263, हुगली (ग्रामीण)क्षेत्र में 236 कंपनी तैनात रही। इसके साथ ही करीब 40 हजार पुलिसकर्मियों को चुनावी ड्यूटी पर लगाया गया था।
हालांकि, कड़े सुरक्षा इंतजामों के बावजूद कई स्थानों से हिंसा और गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई। नदिया जिले के चापड़ा विधानसभा क्षेत्र में बूथ संख्या 53 पर जाने के दौरान भाजपा एजेंट मुशर्रफ मीर पर हमला किया गया। भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के कालीघाट में शुभेंदु अधिकारी बूथों का दौरा करने पहुंचे, तब वहां मौजूद तृणमूल कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उन्हें घेरकर “चोर-चोर” के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके जवाब में भाजपा समर्थकों ने “जय श्रीराम” के नारे लगाए। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। भवानीपुर के पड़ोसी विधानसभा क्षेत्र रासबिहारी में कांग्रेस के पोलिंग एजेंट को बूथ में प्रवेश करने से रोका गया। पूर्व तृणमूल विधायक और बांग्ला फिल्मों के सुप्रसिद्ध अभिनेता चिरंजीत चक्रवर्ती ईवीएम खराबी के कारण मतदान नहीं कर सके। वे सुबह कोलकाता के चारुचंद्र कॉलेज स्थित मतदान केंद्र पहुंचे थे जहां तकनीकी समस्या के चलते मतदान देर से शुरू हुआ।
दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ इलाके में पूरे दिन हालात तनावपूर्ण बने रहे। यहां आईएसएफ नेता नौशाद सिद्दिकी के खिलाफ नारेबाजी की घटना से तनाव और बढ़ गया। भीड़ को नियंत्रित करने और हालात काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। बासंती विधानसभा क्षेत्र के 76 नंबर बूथ पर भाजपा प्रत्याशी विकास सरदार पर हमला किये जाने का आरोप लगा। उधर, डायमंड हार्बर के फलता इलाके में ईवीएम पर टेप चिपकाये जाने के आरोपों से राजनीतिक तल्खी बढ़ गई। भाजपा ने एक तस्वीर साझा करते हुए आरोप लगाया कि जिन बटनों पर टेप लगाया गया, उनमें तीसरे नंबर पर भाजपा उम्मीदवार और चौथे नंबर पर माकपा का चुनाव चिन्ह था। भाजपा ने इसके लिये तृणमूल को जिम्मेदार ठहराते हुए पुनर्मतदान (री-पोल) की मांग की है।
इसके अलावा हावड़ा के बाली, उत्तर 24 परगना के बारासात, हाबरा, कल्याणी और शांतिपुर समेत कई इलाकों में ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण मतदान देर से शुरू हुआ। हालांकि, मतदान वाले इलाकों से हिंसा की कोई बड़ी वारदात सामने नहीं आई। उधर कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सुबह-सुबह कालीघाट स्थित अपने आवास से निकलकर चेतला और पद्मपुकुर रोड इलाके में मतदान का जायजा लेने पहुंच गईं। इस दौरान मीडिया से बातचीत में ममता ने मतदान प्रक्रिया के दौरान बाहरी पर्यवेक्षकों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ लोग बाहर से आकर मतदाताओं में भय का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग पर भी पक्षपात का आरोप लगाया और कहा कि राज्य में प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले बिना परामर्श के किए जा रहे हैं। ममता ने कहा, "कई पर्यवेक्षक राज्य के बाहर से आये हैं। वे भाजपा के आदेश पर काम कर रहे हैं। कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं। हमने कोर्ट की अवमानना का नोटिस भेजा है, फिर भी कई बाहरी पर्यवेक्षकों को यहां लाया गया है।''
दूसरी ओर विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के सुबह-सुबह बूथ निरीक्षण करने पर पर तंज कसते हुए कहा कि वे “दबाव में आकर” सुबह ही मैदान में उतर गई हैं। उन्होंने कहा कि बिना दबाव के नेता ऐसा कदम नहीं उठाते। भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी के खिलाफ अपनी जीत का दावा करते हुए शुभेंदु ने कहाकि मुख्यमंत्री 30 हजार वोटों से हारने जा रही हैं। इस बार के चुनाव में हुए रिकार्ड मतदान को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों की अलग-अलग राय है। कुछ इसे राजनीतिक स्थायित्व का द्योतक बता रहे हैं तो कुछ लोग इसे बदलाव का संकेत मान रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि, विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण में 152 सीटों के लिये 93 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था। शाम 6 बजे तक दूसरे चरण के मतदान का आंकड़ा पहले चरण को पार कर जाने की संभावना है।
