09 दिसंबर । केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बिग कैट आबादी वाले सभी देशों से अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) में शामिल होकर संरक्षण प्रयासों को मजबूत करने की अपील की है। नई दिल्ली में आईबीसीए के तहत बिग कैट संरक्षण के लिए सहयोगात्मक पहल पर आयोजित एक उच्च-स्तरीय चर्चा की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने घोषणा की कि भारत वर्ष 2026 में वैश्विक बिग कैट शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।
बैठक में श्री यादव ने सभी बिग कैट रेंज देशों को संरक्षण रणनीतियों, अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करने तथा सहयोग बढ़ाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बाघ, शेर, हिम तेंदुआ, चीता, तेंदुआ, प्यूमा और जगुआर जैसी प्रजातियों के पारिस्थितिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ये शीर्ष शिकारी पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने और पारिस्थितिकी तंत्र को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आईबीसीए एक ऐसा मंच है जहां सदस्य देश अपनी क्षमताएँ साझा कर सकते हैं, एक-दूसरे से सीख सकते हैं और संयुक्त रूप से प्रजातियों व आवासों की रक्षा में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि संरक्षण भारत के सांस्कृतिक और पर्यावरणीय मूल्यों का अभिन्न हिस्सा है तथा भारत का मॉडल प्रकृति-आधारित समाधानों और विकास लक्ष्यों को पारिस्थितिक स्थिरता के साथ जोड़कर आगे बढ़ता है।
