09 दिसंबर । वरिष्ठ समाजवादी नेता और महाराष्ट्र के श्रमिक तथा सामाजिक न्याय आंदोलनों के प्रख्यात कार्यकर्ता डॉ. बाबा अधव का कल शाम पुणे में 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से पुणे के एक अस्पताल में उपचाराधीन थे। दशकों तक वंचित, असंगठित और हाशिए पर पड़े समुदायों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले डॉ. अधव ने अपना जीवन हमालों, रिक्शा चालकों, निर्माण श्रमिकों और अन्य अनौपचारिक क्षेत्र के मजदूरों के सम्मान और हितों की रक्षा को समर्पित किया। उन्होंने हमाल पंचायत जैसे कई महत्वपूर्ण श्रमिक-नेतृत्व वाले संगठनों की स्थापना में निर्णायक भूमिका निभाई और एक गाँव–एक जल स्रोत जैसे परिवर्तनकारी अभियानों का नेतृत्व किया।
अंतिम महीनों में भी वे जनहित के कार्यों में सक्रिय रहे और श्रमिक वर्ग एवं कमजोर तबकों के लिए न्याय व कल्याण की आवाज उठाते रहे। उनका पार्थिव शरीर आज सुबह 10 बजे हमाल भवन, मार्केट यार्ड में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जबकि अंतिम संस्कार शाम लगभग 4 बजे संपन्न होगा। विभिन्न क्षेत्रों के नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। कई ऑटो-रिक्शा एवं फेरीवाले संघ आज उनके सम्मान में अपना काम बंद रख सकते हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने शोक संदेश में कहा कि बाबा अधव का निधन अत्यंत दुखद है। उन्होंने वंचित एवं असंगठित वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष किया और कुलियों, रिक्शा चालकों तथा निर्माण श्रमिकों को न्याय दिलाने हेतु मजबूत संगठन खड़े किए। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, वरिष्ठ नेता शरद पवार और महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भी डॉ. अधव को श्रद्धांजलि अर्पित की।
