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पुलिस कमिश्नरों को भेजे गए धमकी भरे ईमेल का खुलासा, युवक गिरफ्तार

Date : 09-Dec-2025

 नई दिल्ली, 9 दिसंबर। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े साइबर धमकी मामले का पर्दाफाश करते हुए 22 वर्षीय अभय को गिरफ्तार किया है। आरोपित ने दिल्ली और बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नरों को फर्जी नाम से आतंकवादी संगठन के तौर पर धमकीभरे ईमेल भेजे थे। मामला सामने आते ही पुलिस हरकत में आई और पूरे मामले की गहराई से जांच की गई।

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदौरान ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर बताया कि सात दिसंबर को पुलिस कमिश्नर, दिल्ली के आधिकारिक ईमेल पर एक धमकीभरा मेल मिला। मेल में खुद को प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा बताया गया था और पैसे की मांग की गई थी। मेल में एक संदिग्ध ईमेल आईडी को सीसी भी किया गया था। जिससे शक और बढ़ गया। तुरंत जांच शुरू हुई। तकनीकी जांच में एक मोबाइल नंबर सामने आया। टीम ने गुरुग्राम सेक्टर-37 से मोहित नाम के युवक को पकड़ा। पूछताछ में उसने बताया कि वह कई दिनों से किसी अनजान व्यक्ति की ऑनलाइन हरकतों से परेशान था। उसे अंतरराष्ट्रीय स्पैम कॉल आ रही थीं और फर्जी क्यूआर कोड भेजे जा रहे थे।जांच के दौरान मोहित ने एक लड़की के साथ अपनी पिछली बातचीत के बारे में बताया और कुछ समय बाद उसे अभय नाम के एक व्यक्ति का फोन आया। जिसने खुद को उसका प्रेमी बताया और उसे उससे दूर रहने को कहा। इस लीड पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने दिल्ली के साकेत, सैदुलजाब के रहने वाले अभय शी (22) का पता लगाया और उसे गिरफ्तार किया।

लगातार पूछताछ के दौरान अभय शी ने कबूल किया कि मोहित के साथ निजी विवाद के कारण, उसने उसके खिलाफ एक ऑनलाइन उत्पीड़न अभियान चलाया था। उसने मोहित की पहचान से मिलते-जुलते कई फर्जी ई-मेल आईडी बनाने, अपने डिजिटल फुटप्रिंट छिपाने के लिए स्पूफिंग टूल्स और वीपीएन सेवाओं का इस्तेमाल करने, और सीपी दिल्ली और बेंगलुरु के ऑफिशियल ई-मेल पर धमकी भरे ई-मेल भेजने की बात कबूल की।

इसी तरह का धमकी भरा मैसेज पीसीआर गंगा नगर, राजस्थान पुलिस को मोबाइल पर एक वर्चुअल इंटरनेशनल नंबर से भेजा गया था। जिसमें कथित भेजने वाले ने फिर से एक इंटरनेशनल बैन संगठन से अपने लिंक का दावा किया और एजेंसी को अपने जासूसों को रिहा करने के लिए ब्लैकमेल करने की कोशिश की, नहीं तो कारों में धमाके कर दिए जाएंगे जैसी बातें लिखी। मोहित की निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके कई फर्जी साइबर शिकायतें दर्ज की गईं। उसने बताया कि उसने ये सभी काम अपने पर्सनल मोबाइल फोन से किए, जिसे बरामद कर लिया गया है। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि आरोपित के मोबाइल में कई जरूरी डिजिटल सबूत मिले हैं। कुछ डाटा डिलीट किया गया है, जिसे रिकवर करने का काम चल रहा है।

पुलिस ने आरोपित से एक मोबाइल फोन बरामद किया है। इसी फोन से फर्जी ईमेल बनाए गए थे और धमकी भरे मेल भेजे गए थे। वहीं जांच में पता चला कि अभय शी मूल रूप से जमशेदपुर का रहने वाला है। वह बीसीए का छात्र है और फ्रीलांस वेब डेवलपर के रूप में काम करता था।


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