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मंत्री सिरसा ने ओला, उबर, रैपिडो सहित टैक्सी एग्रीगेटर्स के साथ की बैठक, दिल्ली में राइड-शेयरिंग फिर शुरू होगी

Date : 31-Dec-2025

 नई दिल्ली, 31 दिसंबर। दिल्ली के पर्यावरण एवं वन मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आज दिल्ली सचिवालय में ओला, उबर, रैपिडो सहित प्रमुख टैक्सी और मोबिलिटी एग्रीगेटर्स तथा परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।

मंत्री सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार चार प्रमुख क्षेत्रों- वाहन प्रदूषण, औद्योगिक प्रदूषण, धूल प्रदूषण और कचरा प्रबंधन पर एकसाथ काम कर रही है, ताकि लोगों को साफ हवा मिल सके। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक कम करने और साझा एवं ग्रीन परिवहन को बढ़ावा देने में मोबिलिटी एग्रीगेटर्स की भूमिका बहुत अहम है। बैठक मैं परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। मंत्री सिरसा ने दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने और ईवी को बढ़ावा देने के लिए परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह के प्रयासों की भी सराहना की। बैठक में राइड-शेयरिंग पर विस्तार से चर्चा हुई।

मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि सभी एग्रीगेटर्स की दिल्ली में राइड-शेयरिंग सेवाएं जल्द से जल्द फिर शुरू की जाएं, क्योंकि इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या घटती है और प्रदूषण कम होता है। एग्रीगेटर्स की ओर से बताया गया कि कुछ तकनीकी और संचालन से जुड़ी तैयारियां बाकी हैं, जिस पर मंत्री ने परिवहन विभाग को एक महीने के भीतर राइड-शेयरिंग सुविधा पूरी तरह लागू करने के निर्देश दिए।

इसके बाद कारपूलिंग के मुद्दे पर चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि खासतौर पर ऑफिस टाइम में कारपूलिंग से ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों में बड़ी कमी आ सकती है। बैठक में इस पर भी चर्चा हुई कि कारपूलिंग एक नॉन-कमर्शियल, साझा सफर का विकल्प होगा। एग्रीगेटर्स को सुझाव दिए गए कि वे अपने ऐप में कारपूलिंग का फीचर विकसित करें या अलग कारपूलिंग प्लेटफॉर्म पर काम शुरू करें। परिवहन विभाग को कारपूलिंग से जुड़े नियमों की जांच कर इसे बढ़ावा देने के लिए जरूरी सुझाव जल्द देने को कहा गया।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए मंत्री ने कहा कि निजी रजिस्ट्रेशन वाले इलेक्ट्रिक वाहन बिना कमर्शियल फीस, परमिट या अतिरिक्त लाइसेंस शर्तों के एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म से जोड़े जा सकें। परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए कि वह कानूनी, सुरक्षा और बीमा से जुड़े पहलुओं की जांच कर ऐसा ढांचा तैयार करे, जिससे निजी ईवी मालिक भी सुरक्षित तरीके से इसमें शामिल हो सकें।

मंत्री ने एग्रीगेटर्स से बस और शटल सेवाओं का विस्तार करने का भी आग्रह किया, खासकर ऑफिस रूट और ज्यादा मांग वाले इलाकों में। उन्होंने कहा कि जब ज्यादा लोग निजी गाड़ियों के बजाय साझा बस और शटल सेवाएं अपनाएंगे, तो प्रदूषण पर असर साफ दिखेगा और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।

इसके अलावा, एग्रीगेटर्स को ग्रीन राइड विकल्पों को बढ़ावा देने और ऐप में ऐसे फीचर जोड़ने को कहा गया, जिससे लोग देख सकें कि साझा या इलेक्ट्रिक सफर से कितना प्रदूषण कम हुआ। साथ ही ट्रैफिक ज्यादा रहने वाले रास्तों की पहचान के लिए रूट-वाइज डेटा साझा करने को भी कहा गया। दिल्ली सरकार की प्रदूषण नियंत्रण के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सिरसा ने कहा, “हम एक ओर सख्त कार्रवाई कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर तकनीक और नए समाधानों को अपनाकर शहर की आवाजाही को बेहतर बना रहे हैं।”


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