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हिमाचल के सीबीएसई स्कूलों में निकली 624 शिक्षकों की भर्ती, 21 फरवरी तक आवेदन

Date : 30-Jan-2026

 शिमला, 30 जनवरी। हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पाठ्यक्रम लागू करने की दिशा में कदम उठाते हुए अंग्रेज़ी और गणित विषय के 624 अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये नियुक्तियां उन 100 सरकारी स्कूलों के लिए की जा रही हैं, जहां मार्च 2026 से सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू किया जाना है। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) हमीरपुर ने इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी है।

हाल ही में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में 100 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने और उनके लिए अलग सब-कैडर बनाने को मंजूरी दी गई थी। इसी कड़ी में अंग्रेज़ी और गणित विषय के शिक्षकों के 624 पदों पर भर्ती निकाली गई है, जिनमें 312 पद अंग्रेज़ी और 312 पद गणित के हैं।

पांच साल की नियुक्ति, 10 माह का मानदेय

इन पदों पर चयनित शिक्षकों को नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलेगा। नियुक्ति फिक्स मानदेय के आधार पर की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को 30 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा, लेकिन यह भुगतान शैक्षणिक सत्र में केवल 10 माह के लिए ही मान्य होगा। नियुक्ति की अवधि अधिकतम पांच साल होगी और इस दौरान शिक्षकों को राज्य के किसी भी सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूल में तैनात किया जा सकेगा।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 31 जनवरी 2026 को सुबह 10 बजे से शुरू होगी और 21 फरवरी 2026 की रात 11:59 बजे तक चलेगी। आवेदन के लिए आयोग की वेबसाइट पर वन टाइम रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। चयन प्रक्रिया कंप्यूटर आधारित परीक्षा या स्क्रीनिंग टेस्ट के माध्यम से होगी, जिसमें 120 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे।

अंग्रेज़ी अध्यापक पद के लिए अभ्यर्थी के पास एमए अंग्रेज़ी और बीएड होना अनिवार्य है, जबकि स्नातक स्तर पर न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक जरूरी रखे गए हैं। गणित अध्यापक पद के लिए एमए या एमएससी गणित के साथ बीएड अनिवार्य किया गया है। इन पदों के लिए टेट पास होना जरूरी नहीं होगा। आयु सीमा 25 से 45 वर्ष तय की गई है, जिसकी गणना आवेदन की अंतिम तिथि के अनुसार की जाएगी। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु में छूट दी जाएगी।

भर्ती की शर्तों के मुताबिक इन शिक्षकों को सरकारी कर्मचारी नहीं माना जाएगा। उन्हें नियमित कर्मचारियों को मिलने वाले भत्ते, पदोन्नति या पेंशन जैसे लाभ नहीं मिलेंगे। हालांकि, आधिकारिक कार्यों के दौरान यात्रा पर राज्य सरकार के नियमों के अनुसार टीए/डीए दिया जा सकेगा। सेवा अवधि के दौरान अनुशासनहीनता, कर्तव्य में लापरवाही, आपराधिक मामले या आचार संहिता के उल्लंघन पर नियुक्ति समाप्त की जा सकती है।

राज्य सरकार ने सीबीएसई स्कूलों के लिए अलग सब-कैडर बनाने का फैसला किया है, जिसमें भर्ती, प्रशिक्षण, कार्यकाल और प्रदर्शन मूल्यांकन के स्पष्ट मानक तय किए जाएंगे। सरकार ने इन स्कूलों में सीबीएसई मानकों को पूरा करने के लिए 100 करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत की है जिससे बुनियादी ढांचे और शिक्षण संसाधनों की कमी दूर की जा सके।


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