यमुनानगर, 30 जनवरी । जिले में पिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ और उससे हुए व्यापक भूमि कटाव को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने संभावित जोखिम वाले इलाकों में समय रहते एहतियाती कदम उठाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी क्रम में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने गुरुवार देर शाम जिला परिषद चेयरमैन और ग्राम सरपंचों के आग्रह पर बेलगढ़, मांडेवाला और हथिनीकुंड क्षेत्र का दौरा कर जमीनी हालात का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मंत्री को यमुना नदी के किनारे बढ़ते कटाव और अवैध खनन की गंभीर समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का बहाव लगातार सिंचाई विभाग द्वारा बनाई गई सुरक्षा पटरी की ओर बढ़ रहा है, जिससे आसपास बसे कई गांवों पर आगामी मानसून में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
बेलगढ़ के धोलरा घाट पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री को ग्रामीणों ने बताया कि नदी के किनारे दिन-रात हो रहे अवैध खनन के कारण यमुना का प्रवाह असंतुलित हो गया है। इसके चलते लक्कड़, भीलपुरा, नवाजपुर, माली माजरा सहित दर्जनों गांव संवेदनशील स्थिति में आ गए हैं। ग्रामीणों ने मांग रखी कि नदी किनारे पत्थर या स्टड लगाकर स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाएं और खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जाए।
मंत्री कृष्ण बेदी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक निरीक्षण में हालात चिंताजनक पाए गए हैं और बाढ़ से पहले किए जाने वाले सभी आवश्यक कार्यों में तेजी लाना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दो फरवरी को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर ग्राउंड रिपोर्ट साझा की जाएगी।
भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश सपरा ने बताया कि मंत्री ने हथिनीकुंड बैराज का भी दौरा कर लोगों की समस्याएं सुनीं। कैबिनेट मंत्री ने आश्वासन दिया कि भूमि कटाव रोकने और बाढ़ से बचाव के लिए सरकार ठोस और समयबद्ध कदम उठाएगी, ताकि इस बार यमुनानगर जिले को किसी बड़ी आपदा का सामना न करना पड़े।
