चतरा, 31 जनवरी।
जैन धर्मावलंबियों के दसवें तीर्थंकर 1008 श्री शीतल नाथ भगवान की जन्मस्थली भदलपुर इटखोरी में नवनिर्मित जैन मंदिर में स्थानीय जैन समाज की ओर से पंचकल्याणक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। पंचकल्याणक प्रतिष्ठा और प्रथम महामस्तकाभिषेक महोत्सव होगा। इसमें देश भर से हजारों जैन श्रद्धालु शामिल होंगे। यह महोत्सव इटखोरी को राष्ट्रीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। एक फरवरी से छह फरवरी तक चलने वाले पंचकल्याणक महामस्तकाभिषेक कार्यक्रम में झारखंड के हजारों जैन धर्मावलंबी शामिल होंगे। नवनिर्मित मंदिर में भगवान शीतल नाथ की अलौकिक प्रतिमा विराजित की जाएगी। मंदिर निर्माण में लगे कारीगर दिन-रात मंदिर के शिखर, गर्भगृह, मंडप और प्रवेश द्वार को भव्य रूप देने में जुटे हैं। आयोजकों की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवास, भोजन सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था की गई है। पंचकल्याणक महामस्तकाभिषेक अनुष्ठान शांतिधारा पूजा अर्चना धार्मिक प्रवचन और भक्ति संगीत जैसे अनेक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी अनुष्ठान देश के प्रतिष्ठित जैन आचार्यों जैनमुनियों और विद्वान पंडितों के सानिध्य में विधि विधान से संपन्न कराए जाएंगे। आयोजन समिति के महामंत्री सुरेश झांझरी ने शनिवार को
प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि छह दिवसीय उत्सव में झारखंड के अलावा सभी राज्यों से जैन धर्मावलंबी इटखोरी पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम को लेकर लोगों में विशेष उत्साह है। इटखोरी तीन धर्मों की संगम स्थली माना जाता है। यह धरती भगवान शीतल नाथ की जन्मस्थली भी है।
