धार, 01 फरवरी । केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री तथा मध्य प्रदेश के धार क्षेत्र से सांसद सावित्री ठाकुर सोमवार, 02 फरवरी से अमेरिका की पांच दिवसीय यात्रा पर रहेंगी। वे 6 फरवरी तक संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यूयॉर्क में आयोजित हो रहे संयुक्त राष्ट्र सामाजिक विकास आयोग के 64वें सत्र में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
जनसम्पर्क अधिकारी वीणा रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि केन्द्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, न्यूयॉर्क में आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए विभिन्न सत्रों एवं संवादों में सहभागिता करेंगी। वे भारत में महिला एवं बाल विकास, सामाजिक सुरक्षा, समावेशी विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करेंगी। साथ ही वैश्विक सामाजिक नीति प्राथमिकताओं पर रचनात्मक संवाद में भाग लेंगी और भारत के अनुभवों एवं दृष्टिकोण को विश्व समुदाय के समक्ष रखेंगी।
जनसम्पर्क अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर की यह पांच दिवसीय यात्रा भारत की वैश्विक मंच पर बढ़ती भूमिका, सामाजिक विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता तथा “वसुधैव कुटुंबकम्” की भावना के अनुरूप विश्व कल्याण में उसके योगदान को सशक्त रूप से प्रतिबिंबित करती है। न्यूयॉर्क प्रवास के दौरान संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न एजेंसियों, अन्य सदस्य देशों के प्रतिनिधियों तथा अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय बैठकों की भी संभावना है। इन संवादों के माध्यम से सामाजिक विकास, महिला सशक्तिकरण एवं बाल कल्याण से जुड़े विषयों पर सहयोग की नई संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ECOSOC) के अंतर्गत कार्यरत सामाजिक विकास आयोग, संयुक्त राष्ट्र का एक प्रमुख कार्यात्मक आयोग है, जो सामाजिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर नीति निर्माण, अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं समन्वय को बढ़ावा देता है। आयोग का मुख्य फोकस सामाजिक समावेशन, समानता, गरीबी उन्मूलन, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल कल्याण तथा समाज के वंचित वर्गों के सशक्तिकरण से संबंधित नीतियों पर केंद्रित रहता है। सामाजिक विकास आयोग का वार्षिक सत्र सदस्य देशों के लिए एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच प्रदान करता है, जहां वे अपने-अपने देशों में सामाजिक विकास के क्षेत्र में हुई प्रगति की समीक्षा करते हैं, अनुभव साझा करते हैं तथा सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान–प्रदान करते हैं।
