नई दिल्ली, 01 फरवरी । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करते हुए 10 हजार करोड़ रुपये का एमएसएमई ग्रोथ फंड बनाने का प्रस्ताव रखा है।
उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा कि 2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के लिए एक योजना शुरू की गई थी। अब ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों को समर्पित रेयर-अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने में मदद करने का प्रस्ताव रखा गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हम 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों, यानी टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास जारी रखेंगे।
सीतारमण ने कहा कि हाई-वैल्यू, टेक्नोलॉजी-एडवांस्ड सीआईई की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने के लिए कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर इक्विपमेंट को बेहतर बनाने की एक योजना शुरू की जाएगी। इसमें आग बुझाने के उपकरण से लेकर लिफ्ट और टनल बोरिंग मशीन तक शामिल हो सकते हैं। इसके साथ ही मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। खादी और हथकरघा को मजबूत करने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का भी बजट में प्रस्ताव रखा गया है।
सीतारमण ने पर्यावरण के लिहाज़ से टिकाऊ कार्गो मूवमेंट को बढ़ावा देने के लिए पूर्व में डंकुनी को पश्चिम में सूरत से जोड़ने वाले नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि अगले 5 सालों में 20 नए जलमार्ग चालू किए जाएंगे, जिसकी शुरुआत ओडिशा में नेशनल वॉटरवे 5 से होगी, जो तालचेर और अंगुल के खनिज-समृद्ध इलाकों और कलिंगनगर जैसे औद्योगिक केंद्रों को पारादीप और धमरा बंदरगाहों से जोड़ेगा। वाराणसी और पटना में भी अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए एक शिप रिपेयर इकोसिस्टम स्थापित किया जाएगा।
