सीहोर, 11 फरवरी। जनगणना 2027 की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। जन गणना प्रक्रिया में नागरिक स्वयं स्व-गणना पोर्टल पर अपनी जानकारी भर सकते हैं। जनगणना के दौरान गणक के घर आने पन उन्हें यह जानकारी देनी होगी, तब इस जानकारी को डिजिटल संकलित करेंगे। नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्वयं जानकारी स्व-गणना पोर्टल पर भर सकेंगे।
यह जानकारी बुधवार को मध्य प्रदेश के सीहोर में कलेक्टर बालागुरू. के की अध्यक्षता में हुई जिला जनगणना समन्वय समिति की बैठक में दी गई। बैठक में बताया गया कि जनगणना 2027 में स्व-गणना पोर्टल (एसई पोर्टल) मोबाइल एप (एचएलओ एप) के माध्यम से आंकड़ों का संकलन किया जाएगा। इसी क्रम में मकान सूचीकरण ब्लॉक क्रिएटर (एचएलबीसी) वेब पोर्टल के माध्यम से मकान सूचीकरण ब्लॉक का सृजन किया जाएगा।
जनगणना 2027 को लेकर सीहोर जिले में व्यापक स्थर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इन्हीं तैयारियों को लेकर बुधवार को सीहोर के कलेक्टर कार्यालय में जिला जनगणना समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। जनगणना के लिए जिले की प्रभारी यशस्वी ने जनगणना की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 का कार्य दो चरणों में संपादित किया जाएगा। प्रथम चरण मकान सूचीकरण का कार्य 01 मई से 30 मई 2026 तक किया जाएगा। द्वितीय चरण का कार्य फरवरी 2027 में किया जाएगा। जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली (सीएमएमएस) वेब पोर्टल के माध्यम से मैनेजमेंट एवं मॉनिटरिंग की जाएगी।
बैठक में कलेक्टर बालागुरू के. ने बताया कि जनगणना 2027 के सफल क्रियान्वयन हेतु व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बैठक में मकान सूचीकरण ब्लॉक (के गठन, भवन नंबरिंग के दिशा-निर्देश, ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में ब्लॉक निर्धारण के मानदंडों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में संयुक्त कलेक्टर जमील खान, जिला शिक्षा अधिकारी संजय सिंह तोमर, जनसंपर्क उप संचालक देवेन्द्र ओगारे, पीओ डूडा प्रजापति, जिला सूचना अधिकारी एनआईसी अनिल तोमर उपस्थित थे।
जनगणना में ली जाएगी यह जानकारी
बैठक में बताया गया कि जनगणना अधिकारियों द्वारा मकान सूचीकरण के दौरान नागरिकों से 33 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी एकत्र की जाएगी। जनगणना अधिकारियों द्वारा मकान सूचीकरण के दौरान भवन नंबर, जनगणना मकान नंबर, मकान की दीवार, छत और फर्श में प्रयुक्त सामग्री, मकान का उपयोग और स्थिति की जानकारी ली जाएगी। इसके साथ ही परिवार, परिवार में रहने वाले सदस्यों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, लिंग, सामाजिक वर्ग (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य) से संबंधित विवरण दर्ज किया जाएगा।
जनगणना के दौरान पेयजल का मुख्य स्रोत, प्रकाश का स्रोत, शौचालय की उपलब्धता और उसका प्रकार, गंदे पानी की निकासी, रसोईघर एवं उसमें प्रयुक्त ईंधन की जानकारी भी ली जाएगी। इसके अलावा घर में स्नानघर, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन, टेलीविजन, रेडियो, इंटरनेट सुविधा, कंप्यूटर, मोबाइल / स्मार्टफोन, साइकिल, स्कूटर, मोटर साइकिल, मोपेड, कार, जीप या वैन जैसी सुविधाओं और वाहनों की जानकारी भी शामिल है। परिवार द्वारा उपयोग किए जाने वाले मुख्य खाद्यान्न, परिवार में रहने वाले विवाहित दंपत्तियों की संख्या, परिवार के मुखिया का व्यवसाय तथा मकान के स्वामित्व की स्थिति से जुड़ी जानकारी भी जनगणना में दर्ज की जाएगी।
गोपनीय रहेगी व्यक्तिगत जानकारी
राजपत्र में स्पष्ट किया गया है कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत एकत्र की गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी और किसी भी न्यायालय, जांच या अन्य प्रयोजन के लिए साक्ष्य के रूप में उपयोग नहीं की जा सकेंगी।
डिजिटल माध्यम से होगा डेटा संग्रह
जनगणना 2027 में यह समस्त जानकारी डिजिटल माध्यम से मोबाइल एप और पोर्टल के जरिए एकत्र की जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे जनगणना अधिकारियों को सही और पूर्ण जानकारी प्रदान करें, ताकि जनगणना का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
