कोलकाता, 11 फ़रवरी । महंगाई भत्ता (डीए) को लेकर जारी विवाद पर पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। शुभेंदु अधिकारी ने साफ कहा कि डीए से जुड़ा मामला अब किसी भी तरह से न्यायाधीन नहीं है और सुप्रीम कोर्ट इसे पहले ही “क्लोज़्ड चैप्टर” घोषित कर चुका है।
सॉल्टलेक में बुधवार को एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने हालिया संवाददाता सम्मेलन में यह दावा किया था कि डीए का मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शुभेंदु ने कहा, “मैं मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूं कि यह मामला अब न्यायाधीन नहीं है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह मामला पूरी तरह निपटा दिया गया है।”
उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि कर्मचारियों के मौलिक अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए। साथ ही यह भी तय कर दिया गया है कि बकाया डीए का भुगतान किस तरह एरियर के माध्यम से किया जाएगा। शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बार-बार न्यायिक व्यवस्था का अपमान कर रही हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मार्च महीने के भीतर बकाया डीए की 25 प्रतिशत राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो कानूनी विकल्प अपनाने की पूरी गुंजाइश है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करना ही होगा।
