मुंबई,11 फरवरी। ठाणे में ईस्टर्न एक्सप्रेसवे पर पुल पर चल रहे काम की वजह से मुंबई जाने वाली फोर-लेन सड़क को घटाकर दो लेन कर दिया गया था, जिससे बड़ा ट्रैफिक जाम लगने की संभावना थी। आशंका थी कि ठाणे वालों को सुबह के रश आवर में रोज़ाना आने-जाने में बहुत मशक्कत करनी पड़ेगी । लेकिन, मुश्किल हालात में भी ठाणे ट्रैफिक पुलिस ने सूझ बूझ,मुस्तैदी, प्लानिंग सही योजना बनाकर और साहसी फैसला लेकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रण में कर लिया है।
ठाणे ट्रैफिक ब्रांच ने हालात को करीब से देखने के बाद, पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे और यातायात पुलिस उपायुक्त पंकज शिरसाठ की गाइडेंस में सुबह 7 बजे से 9 बजे के बीच पीक रश आवर में 'रिवर्स लेन' शुरू करने का फैसला किया। इसके मुताबिक, मुंबई से ठाणे आने वाली एक लेन को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था और उसे ठाणे से मुंबई जाने वाली गाड़ियों के लिए खोल दिया गया। इस नए तरीके की वजह से मुंबई की तरफ ट्रैफिक आसान हो गया है और गाड़ियों की लंबी लाइनें अब खत्म हो गई हैं।
पहले घोड़बंदर, कल्याण और शहर के अलग-अलग हिस्सों से आने वाली गाड़ियां एक्सप्रेसवे पर फंस जाती थीं। कई लोगों को काम पर पहुंचने के लिए ज़्यादा समय देना पड़ता था। हालांकि, ट्रैफिक पुलिस की सटीक प्लानिंग की वजह से अब ड्राइवरों को राहत मिली है।
हालांकि, इस एक्सपेरिमेंट को लागू करने में ट्रैफिक पुलिस को बहुत मेहनत करनी पड़ रही है। उन्हें सड़क पर खड़े होकर गाड़ियों को कंट्रोल करना है, लोगों को सही दिशा दिखानी है और अचानक आने वाली मुश्किलों को कंट्रोल करना है। ट्रैफिक ब्रांच के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर दिलीप पाटिल ने बताया कि ये सभी ज़िम्मेदारियां बहुत सावधानी से निभाई जा रही हैं।
ठाणे यातायात पुलिस के उपायुक्त पंकज सिरसाठ ने आज बताया कि “रिवर्स लेन बनाने का फैसला सुबह के रश आवर में मुंबई की ओर जाने वाली गाड़ियों के प्रेशर को ध्यान में रखकर लिया गया था। हमारे ऑफिसर और स्टाफ असल में ज़मीनी प्लानिंग कर रहे हैं ताकि लोगों को कम से कम दिक्कत हो और ट्रैफिक स्मूथ रहे। भविष्य में हालात के हिसाब से ज़रूरी बदलाव किए जाएंगे।”
ठाणे के पत्रकार प्रशांत सिनकर ने ट्रैफिक विभाग के इस कदम की तारीफ करते हुए कहा कि यह अभिनव प्रयोग सिर्फ़ उन पुलिसवालों की कोशिशों की वजह से सफल हो रहा है जो चिलचिलाती धूप में खड़े होकर अपनी ड्यूटी करते हैं। हम ट्रैफिक पुलिस की इस सकारात्मक कार्य प्रणाली ,सोच और लोगों से जुड़ी पहल का स्वागत करते हैं।आम लोगों के लिए पहले सुबह कार से मुंबई जाना बहुत थकाने वाला होता था, लेकिन अब जल्दी जाना मुमकिन है। ऐसा कहा जा रहा है कि पुलिस प्रशासन ने समस्या का तुरंत हल निकालकर काम करने का एक आदर्श बनाया है।
