जयपुर, 11 फरवरी । राजस्थान की वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। करीब दो घंटे 54 मिनट के भाषण में उन्होंने कर्मचारियों, किसानों, स्वास्थ्य, पर्यटन, पेयजल और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई प्रावधानों की घोषणा की।
वित्त मंत्री ने राज्य में आठवें वेतन आयोग के लिए हाईपावर कमेटी गठित करने की घोषणा की। प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन के लिए नई टेस्टिंग एजेंसी स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। स्कूली बच्चों को खेल किट और ‘जादुई पिटारा’ उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई। स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐसे मरीजों को भी निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है, जिनके पास आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं। मुख्यमंत्री लखपति दीदी योजना के तहत ऋण सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये की गई है।
पर्यटन क्षेत्र में जैसलमेर के खुरी में विशेष पर्यटन क्षेत्र (एसटीजेड) स्थापित किया जाएगा। कुलधरा में पर्यटक सुविधा केंद्र बनाया जाएगा। पुष्कर, खाटू श्यामजी, देशनोक, डिग्गी और मंडावा में प्रवेश मार्गों को मॉडल सड़क के रूप में विकसित कर सौंदर्यीकरण किया जाएगा। भरतपुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से ब्रज कन्वेंशन सेंटर स्थापित किया जाएगा। राज्य में चिन्हित बावड़ियों के संरक्षण और पुनरुद्धार का कार्य किया जाएगा। शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना के अंतर्गत झुंझुनूं, सीकर और चूरू की 660 से अधिक हवेलियों में फसाड सुधार, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इच्छुक मालिकों को पर्यटन इकाई के रूप में विकसित करने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। शेखावाटी की हवेलियों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के प्रयास किए जाएंगे। पश्चिमी राजस्थान में जैसलमेर, बीकानेर, जालोर, जोधपुर और बाड़मेर को जोड़ते हुए थार सांस्कृतिक सर्किट विकसित किया जाएगा। झुंझुनूं में वॉर म्यूजियम स्थापित किया जाएगा।
वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत छह हजार वरिष्ठ नागरिकों को हवाई मार्ग से पशुपतिनाथ (काठमांडू) सहित अन्य तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जाएगी। 50 हजार वरिष्ठ नागरिकों को एसी ट्रेन से तीर्थ यात्रा कराई जाएगी। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे संचालकों को बैंक ऋण पर ब्याज अनुदान दिया जाएगा। संभाग स्तर पर लोक नृत्य महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। टूरिस्ट असिस्टेंस फोर्स के सुदृढ़ीकरण, महिला कर्मियों की तैनाती और टूरिस्ट गाइड्स की सुविधाओं के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रमुख त्योहारों के अवसर पर मंदिरों में सौंदर्यीकरण और आयोजन के लिए भी प्रावधान किया गया है। देवस्थान विभाग की रिक्त भूमि पर बीओटी मॉडल के माध्यम से धर्मशालाओं के विकास के लिए नई नीति लाई जाएगी। सवाई माधोपुर और बांसवाड़ा में फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन स्थापित किए जाएंगे।
