कोलकाता, 12 फरवरी । पैंसठ वर्ष की आयु में भी अदम्य साहस और जीवटता का परिचय देते हुए पश्चिम मेदिनीपुर की चुनीबाला हांसदा ने अंतरराष्ट्रीय खेल के मैदान पर भारत की विजय पताका फहराई है। संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में आयोजित 'ओपन मास्टर्स गेम्स' की ऊंची कूद स्पर्धा में उन्होंने विश्वभर के खिलाड़ियों को कड़ी चुनौती देते हुए तृतीय स्थान प्राप्त किया और कांस्य पदक पर अपना अधिकार जमाया।
इस प्रतियोगिता में विश्वभर से लगभग 25 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया। अनुभवी खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा कड़ी थी, लेकिन चुनीबाला ने अपने अनुभव, धैर्य और निरंतर अभ्यास से सभी को प्रभावित किया। नीली वेशभूषा में पदक के साथ उनकी चित्रमयी प्रस्तुति सामने आने के बाद से ही समाज के विभिन्न वर्गों में उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है।
चुनिबाला हांसदा का संबंध पश्चिम मेदिनीपुर के जंगलमहल क्षेत्र से है। उनकी बेटी और राज्यमंत्री बिरबाहा हांसदा ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा, “मां ने यह साबित कर दिया कि उम्र केवल एक संख्या है। उनके इस प्रदर्शन से न केवल मैं, बल्कि पूरा जंगलमहल गर्व महसूस कर रहा है।”
इस जीत के साथ चुनीबाला हांसदा ने वरिष्ठ खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का नया मानदंड स्थापित किया है। उनकी अंतरराष्ट्रीय विजय के पश्चात पश्चिम मेदिनीपुर के ग्रामीण अंचलों में हर्षोल्लास का वातावरण है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह गौरवगाथा न केवल वरिष्ठ नागरिकों को उत्तम स्वास्थ्य के प्रति प्रेरित करेगी, बल्कि युवा पीढ़ी में भी खेलों के प्रति नई चेतना जागृत करेगी।
