इंफाल, 19 फरवरी। मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती को नष्ट करने के लिए वन विभाग एवं सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं। अवैध रूप से जंगली लकड़ी की तस्करी रोकने के लिए भी अभियान चलाए जा रहे हैं।
मणिपुर पुलिस मुख्यालय द्वारा आज तड़के दी गयी जानकारी के अनुसार सुरक्षा बल ने वन विभाग के साथ मिलाकर चुराचांदपुर जिले के सांगईकोट थानांतर्गत हैप्पी मोलेन और चालजंग हिल रेंज में 20 एकड़ अफीम की खेती को बीते बुधवार को नष्ट किया गया। बागान वाली जगह पर मिली एक झोपड़ी और नमक के दो बैग और किचन का सामान नष्ट कर दिया गया।
दूसरी ओर सुरक्षा बल ने जिरीबाम जिले के फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर को एक टाटा ट्रक (आरजे-14जीएन-3247) पर लोड किये गये 120 फैंटा/लकड़ी के बीम को जिरीबाम जिले के लींगनपोकपी गांव में पकड़ा गया। टाटा ट्रक के ड्राइवर और मालिक, प्रेमचंद (53) और नारायण लाल बाज्या (42), दोनों को गिरफ्तार किया गया। दोनों राजस्थान के रहने वाले थे, जो गैर-कानूनी तरीके से लकड़ी जिरीबाम की ओर ले जा रहे थे, उन्हें भी आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए वन अधिकारी को सौंप दिया गया।
उल्लेखनीय है कि सुरक्षा बल जिलों के बाहरी और संवेदनशीन इलाकों में तलाशी अभियान और एरिया डोमिनेशन जारी रखे हुए हैं। मणिपुर के अलग-अलग जिलों में पहाड़ियों और घाटी दोनों में बुधवार को कुल 103 नाके एवं चेकपॉइंट लगाए गए थे, लेकिन किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग-37 पर ज़रूरी सामान ले जा रही 203 गाड़ियों की मूवमेंट को सुनिश्चित की गई है। सभी संवेदनशील इलाकों में कड़े सुरक्षा उपाय किए गए हैं और गाड़ियों की सामान्य आवाजाही के लिए सुरक्षा काफिला तैनात किया गया है।
