मुंबई, 19फ़रवरी । ठाणे जिला स्वास्थ विभाग ने जनवरी 2025 और जनवरी 2026 के बीच 47 हजार ,505 सर्जरी सफलतापूर्वक की हैं, जिससे जन स्वास्थ सेवा के लिए एक नया बेंचमार्क पहचान बनाई है। इसमें 14 हजार,419 बड़ी और 33 हजार,086 छोटी सर्जरी शामिल हैं, जो मरीज़ों के बढ़ते बोझ के बावजूद जिले के सरकारी अस्पतालों द्वारा दी जाने वाली सेवा की उच्च गुणवत्ता को दर्शाता है।
ठाणे सिविल हॉस्पिटल ने सबसे ज़्यादा 4,341 बड़ी सर्जरी की हैं, और यह सिविल अस्पताल बहुत सक्रिय है और मुश्किल मरीज़ों के इलाज में सबसे आगे रहा है। जबकि सेंट्रल हॉस्पिटल उल्हासनगर-3 में 2,705 बड़ी सर्जरी और सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल भिवंडी में 2,643 बड़ी सर्जरी सफलतापूर्वक की गईं। छोटी सर्जरी की यदि बात करें तो भिवंडी सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल 12,610 ऑपरेशन के साथ सबसे आगे रहा, जबकि उल्हासनगर-3 में 6,072 और सिविल हॉस्पिटल ठाणे में 3,226 छोटी सर्जरी की गईं। ये सभी आंकड़े जिले में जन स्वास्थ सेवा प्रणाली की बड़ी पहुंच और लोगों के बढ़ते भरोसे को साफ दिखाते हैं।
ठाणे जिला ग्रामीण इलाकों में भी स्वास्थ सेवा की मजबूत नींव रखी गई। शाहपुर सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के साथ-साथ बदलापुर, अंबरनाथ, मुरबाद, गोवेली, टोकड़े जैसे ग्रामीण अस्पतालों में सैकड़ों सर्जरी सफलतापूर्वक की गईं। प्राइमरी इलाज देते हुए, गंभीर मरीजों को तुरंत हायर-लेवल सेंटर में रेफर करने के लिए एक अच्छा सिस्टम बनाया गया है। इसकी वजह से, हेल्थ डिपार्टमेंट ग्रामीण और शहरी इलाकों में हेल्थ सुविधाओं के बीच बैलेंस बनाने में कामयाब रहा है।
इसमें, शहापुर में बहुत ज़्यादा दर्द से परेशान एक नौजवान की रिस्की अपेंडेक्टॉमी सर्जरी सक्सेसफुली की गई और उसे नई ज़िंदगी मिली। एक लड़का जो पेड़ से गिर गया था और उसका हाथ कट गया था, उसका तुरंत सिविल हॉस्पिटल ठाणे में ऑपरेशन किया गया और उसका हाथ बचा लिया गया। डॉक्टरों ने एक 78 साल की महिला के ब्रेस्ट से कैंसर वाली गांठ निकालने और उसकी जान बचाने में भी कामयाबी हासिल की।ठाणे डिस्ट्रिक्ट हेल्थ डिपार्टमेंट की यह कामयाबी ‘हेल्थ ही असली दौलत है’ के सिद्धांत का सबूत है। बढ़ती आबादी और बदलती हेल्थ चुनौतियों के दौर में, सरकारी हेल्थ सिस्टम मज़बूती से खड़ा रहा है।
ठाणे जिला सिविल सर्जन डॉ पवार का कहना है कि “अच्छी और अति आवश्यक स्वास्थ्य सेवा देना हमारा कर्तव्य है। 47 हज़ार से ज़्यादा सर्जरी सिर्फ़ एक स्टैटिस्टिक नहीं है, बल्कि हर मरीज़ को नई ज़िंदगी मिलने का भरोसा है।इससे लोगों को सरकारी अस्पतालों की सेवा पर भरोसा बढ़ा है।साथ ही डॉ पवार ने विश्वास व्यक्त किया कि ठाणे डिस्ट्रिक्ट हेल्थ सिस्टम भविष्य में भी और ज़्यादा काबिल और तैयार रहेगा ।
