लौकी भले ही हर किसी की पहली पसंद न हो, लेकिन भारतीय रसोई में इसका अपना खास महत्व है। घिया या दूधी के नाम से जानी जाने वाली यह सब्जी पानी से भरपूर, हल्की और पाचन के लिए फायदेमंद मानी जाती है। स्वाद में सादी होने के बावजूद, अलग-अलग राज्यों में इसे कई दिलचस्प तरीकों से बेहद लाजवाब बनाया जाता है। आइए जानते हैं लौकी के कुछ खास रूप—
गुजराती लौकी थेपला
गुजरात में कद्दूकस की हुई लौकी को आटे और मसालों के साथ मिलाकर नरम और स्वादिष्ट थेपला बनाया जाता है। सफर, टिफिन या नाश्ते के लिए यह बेहतरीन विकल्प है, खासकर अचार के साथ।
लौकी के कोफ्ते
कद्दूकस की लौकी से बने मुलायम कोफ्तों को टमाटर-प्याज की रिच ग्रेवी में पकाया जाता है। यह डिश खास मौकों पर बनाई जाती है और चावल या नान के साथ खूब जंचती है।
खट्टी-मीठी लौकी करी
इमली, टमाटर और प्याज के साथ बनी यह हल्की-सी खट्टी करी स्वाद से भरपूर होती है। आमतौर पर इसे चावल और पापड़ के साथ परोसा जाता है।
बंगाली स्टाइल मिक्स वेज लौकी
बंगाल की पारंपरिक शैली में लौकी को करेला और कच्चे केले के साथ हल्की सरसों-दूध की ग्रेवी में पकाया जाता है। इसका स्वाद हल्का कड़वा-मीठा होता है और इसे भोजन की शुरुआत में परोसा जाता है।
लौकी-मूंग दाल
पीली मूंग दाल और लौकी का संयोजन हल्का, सात्विक और पचने में आसान होता है। बिना प्याज-लहसुन के बनी यह डिश भाप में पके चावल और घी के साथ सुकून देती है।
लौकी का देसी भर्ता
भुनी या उबली लौकी को मैश कर उसमें सरसों का तेल, हरी मिर्च और लहसुन मिलाया जाता है। इसका देसी स्वाद लिट्टी या सादे चावल के साथ बेहद पसंद किया जाता है।
स्टीम्ड लौकी मुठिया
कद्दूकस की हुई लौकी और आटे से बने मुठिया को स्टीम कर तिल और करी पत्ते के तड़के में हल्का भुना जाता है। यह फाइबर से भरपूर और हल्का नाश्ता है।
लौकी का हलवा
दूध, इलायची और मेवों के साथ पकी लौकी से बना हलवा स्वाद में मीठा और हल्का होता है। त्योहारों पर इसे खास तौर पर बनाया जाता है और यह पेट के लिए भी आसान रहता है।
लौकी की तंबली
दही और नारियल के साथ बनी लौकी की तंबली गर्मियों में ठंडक देती है। हल्की मसालेदार और प्रोबायोटिक गुणों से भरपूर यह डिश गरम भोजन के साथ संतुलित स्वाद जोड़ती है।
