स्कूल से स्टार्टअप तक: एआई क्षेत्र में युवाओं के लिए तैयार हो रहा नया इकोसिस्टम | The Voice TV

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"छोटा सा बदलाव ही जिंदगी की एक बड़ी कामयाबी का हिस्सा होता है"।

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स्कूल से स्टार्टअप तक: एआई क्षेत्र में युवाओं के लिए तैयार हो रहा नया इकोसिस्टम

Date : 19-Feb-2026

 भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलाव के बीच देश की युवा आबादी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रही है। India-AI Impact Summit 2026 में इस बात पर जोर दिया गया कि भारत की 65 प्रतिशत से अधिक आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है और यही जनसांख्यिकीय शक्ति देश की डिजिटल और नवाचार रणनीति का आधार बन रही है।

समिट में साफ संदेश दिया गया कि एआई अब भविष्य की कल्पना नहीं, बल्कि रोजगार, कौशल और उद्योगों को बदलने वाली वास्तविक शक्ति बन चुका है। शिक्षा से रोजगार तक मजबूत कनेक्शन बनाने पर जोर दिया गया ताकि युवा सीधे एआई आधारित करियर से जुड़ सकें।

एआई स्किलिंग से बदल रहा रोजगार का स्वरूप

एआई से जुड़े कौशल की मांग तेजी से बढ़ रही है। पिछले कुछ वर्षों में एआई आधारित नौकरियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल समझ, तकनीकी क्षमता और नई सोच वाले युवाओं के लिए एआई रोजगार के नए रास्ते खोल रहा है।

यूनियन बजट 2026-27 में भी एआई स्किलिंग को प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत मुंबई स्थित भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT) के सहयोग से 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में एआई आधारित कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने की योजना है, जिससे लाखों युवाओं को भविष्य के कौशल मिल सकेंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

IndiaAI Mission से बढ़ी पहुंच

एआई को केवल बड़े शहरों तक सीमित न रखने के लिए सरकार ने IndiaAI Mission के तहत बड़ी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर योजना शुरू की है। इसके अंतर्गत कंप्यूट क्षमता बढ़ाने, डेटा और तकनीकी संसाधनों तक सस्ती पहुंच देने पर जोर है, जिससे स्टार्टअप्स, छात्र और छोटे शहरों के नवाचारकर्ता भी एआई विकास में भाग ले सकें।

स्कूल से रिसर्च लैब तक तैयार हो रही नई पीढ़ी

देश में एआई टैलेंट तैयार करने के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था बनाई जा रही है।

  • नई शिक्षा नीति के तहत स्कूल स्तर पर डिजिटल और एआई साक्षरता पर जोर।

  • YUVAi जैसे कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को एआई समाधान बनाने का अवसर।

  • Skill India Mission, FutureSkills Prime और Skill India Digital Hub के माध्यम से प्रोफेशनल अपस्किलिंग।

  • IndiaAI FutureSkills और AI Data Labs के जरिए उच्च शिक्षा और रिसर्च को बढ़ावा।

इससे देश में एआई सीखने और प्रयोग की संस्कृति मजबूत हो रही है।

युवाओं और स्टार्टअप्स को मिला वैश्विक मंच

India-AI Impact Summit 2026 में युवाओं और स्टार्टअप्स की भूमिका खास रही। Innovation challenges, startup pitches और लाइव समाधान प्रदर्शन के जरिए युवा नवाचार को वैश्विक पहचान मिली। YUVAi Global Youth Challenge और AI by HER जैसे कार्यक्रमों में युवाओं और महिला उद्यमियों ने स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और जलवायु जैसे क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान प्रस्तुत किए।

समिट के दौरान 100 से अधिक एआई समाधानों को एक स्टार्टअप बुक में शामिल किया गया, जिससे नवाचार को बड़े स्तर पर लागू करने का रास्ता मजबूत हुआ।

जिम्मेदार एआई की दिशा में पहल

AI Responsibility Pledge अभियान के तहत 24 घंटे में 2.5 लाख से अधिक लोगों ने जिम्मेदार और नैतिक एआई उपयोग का संकल्प लिया। इसे डिजिटल जिम्मेदारी और भरोसेमंद एआई के प्रति युवाओं की बढ़ती जागरूकता का संकेत माना जा रहा है।

भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत

रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में एआई कौशल की पहुंच वैश्विक औसत से कई गुना अधिक है और देश की बड़ी कंपनियां तेजी से एआई समाधान अपना रही हैं। खास बात यह है कि अब आधे से अधिक स्टार्टअप महानगरों से बाहर उभर रहे हैं, जिससे एआई विकास का लाभ देश भर में फैल रहा है।

भारत की युवा शक्ति अब एआई युग में नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है। बड़े स्तर पर स्किलिंग, नीति समर्थन और डिजिटल ढांचे के विस्तार से देश एक भविष्य-तैयार टैलेंट इकोसिस्टम बना रहा है। India-AI Impact Summit 2026 ने यह स्पष्ट किया कि आने वाले समय में भारत की एआई यात्रा का सबसे मजबूत आधार उसकी युवा आबादी ही होगी, जो नवाचार, जिम्मेदार तकनीक और समावेशी विकास की दिशा तय करेगी।


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