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प्रधानमंत्री शुक्रवार को पीएम-किसान की 22वीं किस्त जारी करेंगे

Date : 12-Mar-2026

 नई दिल्ली, 12 मार्च । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को असम के गुवाहाटी में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 22वीं किस्त जारी करेंगे। इसके तहत देश के 9.32 करोड़ किसानों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 18,640 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की जाएगी।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को यहां अपने आवास पर पत्रकारों को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीएम-किसान योजना के तहत अब तक 4.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों को डीबीटी के माध्यम से दी जा चुकी है। इस योजना से 2.15 करोड़ से अधिक महिला किसान भी लाभान्वित हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि विभिन्न अध्ययनों से यह सामने आया है कि इस प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता से किसानों के कृषि निवेश में वृद्धि हुई है और साहूकारों पर उनकी निर्भरता कम हुई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। चौहान ने कहा कि सरकार का कृषि विकास और किसानों के कल्याण का यह महायज्ञ निरंतर जारी रहेगा।

कृषि क्षेत्र में पिछले एक दशक की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत अब खाद्यान्न की कमी वाले देश से वैश्विक शक्ति के रूप में उभरा है। उन्होंने बताया कि 150 मिलियन टन चावल उत्पादन के साथ भारत ने इस मामले में चीन को पीछे छोड़ते हुए दुनिया में पहला स्थान प्राप्त कर लिया है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन 252 मिलियन टन था, जो अब बढ़कर 357 मिलियन टन हो गया है। वहीं बागवानी क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। फल और सब्जियों का उत्पादन 277 मिलियन टन से बढ़कर 369 मिलियन टन हो गया है।

शिवराज ने कहा कि भारत दाल उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है और आज देश दालों का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता बन चुका है। सरकार तूअर (अरहर), मसूर और उड़द जैसी दालों की रिकॉर्ड खरीद कर रही है।

उन्होंने बताया कि किसानों की सहायता के लिए ‘भारत विस्तार’ नामक एआई आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म के पहले चरण की शुरुआत की गई है। इसके माध्यम से किसान एक फोन कॉल के जरिए अपनी स्थानीय भाषा में खेती से जुड़ी सभी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। वर्ष 2014 में जहां कृषि ऋण 8.45 लाख करोड़ रुपये था, वहीं अब यह बढ़कर 28.69 लाख करोड़ रुपये हो गया है। फसल बीमा योजना के तहत लगभग दो लाख करोड़ रुपये के दावों का भुगतान किसानों के खातों में किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि कृषि बजट में भी बड़ी वृद्धि हुई है। यूपीए सरकार के समय जहां कृषि बजट लगभग 27,000 करोड़ रुपये था, वहीं अब यह बढ़कर प्रतिवर्ष 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।


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