जयपुर, 07 अप्रैल । प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। नए मौसमी तंत्र के सक्रिय होते ही राजस्थान के रेगिस्तानी जिलों सहित कई हिस्सों में मंगलवार सुबह से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। कहीं तेज गर्जना के साथ बिजली चमकी तो कहीं चने के आकार के ओले भी गिरे, जिससे तापमान में गिरावट आ गई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
राजस्थान के जैसलमेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर सहित कई जिलों में मंगलवार सुबह से ही मौसम बदला हुआ नजर आया। जैसलमेर के चांधन क्षेत्र में तेज बारिश हुई। बीकानेर में रात से बादल गरजने के बाद सुबह बारिश शुरू हुई। श्रीगंगानगर में तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी और बिजली चमकी। वहीं नागौर जिले के कई इलाकों में चने के आकार के ओले गिरने की सूचना है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
राजधानी जयपुर में भी सुबह से ठंडी हवा चल रही हैं और कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई है, जिससे मौसम सुहावना हो गया।
मौसम केंद्र जयपुर ने प्रदेश के 17 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार आठ अप्रैल तक इस सिस्टम का असर बना रहेगा, जबकि नौ अप्रैल से मौसम साफ होने की संभावना है। बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी को देखते हुए नागौर और मेड़ता मंडियों में अवकाश घोषित किया गया है। लगातार खराब मौसम के कारण कृषि कार्य और फसल बिक्री पर भी असर पड़ रहा है।
जहां एक ओर आमजन को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर किसानों की चिंता बढ़ गई है। पहले से ही बेमौसम बारिश से जूझ रहे किसान फिर संकट में है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार बार-बार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण गर्मी पूरी तरह नहीं पड़ पा रही है। इससे मानसून कमजोर रहने की आशंका जताई जा रही है। जुलाई-अगस्त में अल-नीनो सक्रिय होने की संभावना 60–80% तक बताई गई है।
