वाराणसी,07 अप्रैल । उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में स्थित श्री संकटमोचन मंदिर के वार्षिक संगीत समारोह में अंतर्राष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी में शामिल कलाकारों की बेमिशाल कृतियों ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। सोमवार देर शाम चित्रकला प्रदर्शनी का उद्घाटन बीएचयू चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. एस.एन. शंखवार ने किया। 11 अप्रैल तक चलने वाले समारोह में देश-विदेश के कलाकारों की 1000 से अधिक चित्र प्रदर्शनी में शामिल किए गए है। प्रदर्शनी में काशी के प्रसिद्ध रामलीला से संबंधित छवि चित्रों तथा रामलीला मंचन में प्रयोग किए जाने वाले पारंपरिक मुखौटों को भी शामिल किया गया है। समारोह के साहित्य मंच पर तीन कलाकार—डॉ. सुरेश चंद्र जांगिड, अक्षत सिंह और मो. सुलेमान ने हनुमत प्रभु के विग्रह के समक्ष लाइव अपनी कला का प्रदर्शन किया। संकटमोचन संगीत समारोह के 103वें संस्करण के कला दीर्घा में इस बार 25 मूर्ति व पेंटिंग कला के साधक भी हनुमत प्रभु के दरबार में हाजिरी लगा रहे है। चित्र प्रदर्शनी के संयोजक प्रो. विजयनाथ मिश्र ने बताया कि कला दीर्घा में चित्रकला, मूर्तिकला, रामनगर रामलीला के मुखौटे, छायाचित्र और साहित्य का संगम दिखेगा। लोग छह दिनों तक संगीत के साथ हनुमान जी के विविध रूपों का दर्शन करेंगे। देशी-विदेशी कलाकारों में तेहरान के कलाकार भी भाग ले रहे है। उन्होंने बताया कि दंडपाणि भैरव के चित्र भी लगाए गए है। जिनमें काशी में उनके आगमन को दर्शाया गया है। अतिथि कलाकारों में इटली, स्पेन, अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस सहित करीब 15 देशों के चित्रकारों के श्रीराम दरबार, हनुमान जी आदि पर आधारित चित्र आ गए हैं, जिन्हें दीर्घा में प्रदर्शित किया गया है। करीब 50 ऐसे छायाचित्र है, जो प्रभु श्रीराम और हनुमान जी को दर्शाते हुए रामलीलाओं के पात्रों के भी है। डॉ.मिश्र के अनुसार हनुमान जी ध्यान मुद्रा में, भजन करते हुए, लंका दहन, राम-लक्ष्मण को कंधे पर बैठाकर ले जाते आदि मुद्राओं में पूरे परिसर में कटआउट लगे है। श्रीराम दरबार का सेल्फी पॉइंट बनाया जाएगा।
