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पीजीटी कॉन्ट्रैक्ट नीति से युवाओं का भविष्य असुरक्षित: अभाविप

Date : 10-Apr-2026

 शिमला, 10 अप्रैल । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) हिमाचल प्रदेश ने राज्य सरकार की हाल ही में घोषित पीजीटी कॉन्ट्रैक्ट भर्ती योजना को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। परिषद की प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने कहा है कि सरकार स्थायी रोजगार देने के अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है और अब अस्थायी नियुक्तियों के माध्यम से युवाओं के भविष्य के साथ समझौता किया जा रहा है।

नैंसी अटल ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने से पहले प्रदेश में 5 लाख नौकरियां देने का वादा किया था और हर वर्ष 1 लाख रोजगार देने की बात कही थी। लेकिन सरकार के कार्यकाल के साढ़े तीन वर्षों में स्थायी रोजगार देने की दिशा में कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले गेस्ट टीचर नीति और अब नई पीजीटी स्कीम के माध्यम से युवाओं को स्थायी नौकरी से दूर रखा जा रहा है।

अभाविप का कहना है कि नई पीजीटी योजना पूरी तरह से योजना आधारित और अस्थायी है। इस योजना के तहत शिक्षकों की नियुक्ति केवल 5 वर्षों के लिए की जाएगी और इसके बाद उन्हें नियमित करने का कोई प्रावधान नहीं है। परिषद के अनुसार इससे युवाओं का भविष्य असुरक्षित हो जाएगा और उनमें स्थिरता की भावना नहीं बन पाएगी।

नैंसी अटल ने यह भी कहा कि इस योजना के तहत चयनित शिक्षकों को केवल 30 हजार रुपये मासिक फिक्स वेतन दिया जाएगा, वह भी साल में केवल 10 महीनों के लिए। इसके अलावा उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा, पेंशन, मेडिकल सुविधा या अन्य नियमित कर्मचारियों जैसी सुविधाएं भी नहीं मिलेंगी। परिषद का कहना है कि सीमित अवकाश और अस्थिर सेवा शर्तों के कारण यह नीति शिक्षकों के हित में नहीं है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चयनित शिक्षकों की तैनाती प्रदेश में कहीं भी की जा सकती है और उनसे अतिरिक्त कार्य भी लिया जा सकता है, जो शिक्षकों के साथ अन्याय की श्रेणी में आता है। अभाविप का कहना है कि ऐसी अस्थायी व्यवस्थाएं युवाओं के मानसिक दबाव को बढ़ाती हैं और लंबे समय तक रोजगार की सुरक्षा नहीं देतीं।

अभाविप ने राज्य सरकार से मांग की है कि इस योजना को तुरंत वापस लिया जाए और युवाओं को स्थायी तथा सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराया जाए। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं करती है तो संगठन प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगा


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