शिमला, 20 अप्रैल । शिमला का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध शिमला ग्रीष्मोत्सव इस वर्ष 1 से 5 जून तक ऐतिहासिक रिज मैदान में आयोजित किया जाएगा। ग्रीष्मोत्सव की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने शुरुआती स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं और विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। इसके अलावा इस आयोजन को बेहतर बनाने के लिए लोगों से सुझाव मांगे हैं।
यह जानकारी उपायुक्त एवं शिमला ग्रीष्मोत्सव समिति के अध्यक्ष अनुपम कश्यप ने बचत भवन में आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने बताया कि इस बार पांच दिवसीय ग्रीष्मोत्सव के दौरान हर दिन अलग-अलग थीम पर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, ताकि कार्यक्रम को अधिक आकर्षक और विविधतापूर्ण बनाया जा सके।
उपायुक्त ने बताया कि ग्रीष्मोत्सव के दौरान दिन में विभिन्न सांस्कृतिक और जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे, जबकि हर शाम देश के प्रसिद्ध कलाकारों की विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के समन्वय के लिए अतिरिक्त उपायुक्त, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था), जिला भाषा अधिकारी और जिला लोक संपर्क अधिकारी की संयुक्त समिति कार्य करेगी।
उन्होंने कहा कि ग्रीष्मोत्सव के आयोजन को और बेहतर बनाने के लिए आम लोग और अधिकारी अगले 10 दिनों के भीतर अपने सकारात्मक और नए सुझाव आयोजन समिति को दे सकते हैं। इन सुझावों को कार्यक्रम की रूपरेखा में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य इस वर्ष ग्रीष्मोत्सव के पुराने वैभव को फिर से स्थापित करना है।
ग्रीष्मोत्सव के दौरान चित्रकला प्रतियोगिता, सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम, प्राकृतिक फ्लावर शो और हेल्दी बेबी प्रतियोगिता जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही हिमाचली व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए हिमाचली फूड फेस्टिवल आयोजित करने की भी योजना बनाई जा रही है। प्रशासन ने बताया कि इस बार रिज मैदान पर मंच को दूसरी जगह स्थापित करने की भी योजना है, ताकि कार्यक्रमों का संचालन अधिक व्यवस्थित ढंग से हो सके।
उपायुक्त ने कहा कि शिमला ग्रीष्मोत्सव एक प्रतिष्ठित आयोजन है, जिसका इंतजार हर साल स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भी करते हैं। उन्होंने सभी विभागों को अभी से आपसी समन्वय के साथ तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इस वर्ष उत्सव को और बेहतर ढंग से आयोजित किया जा सके।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव 2026 के अवसर पर एक स्मारिका और कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया जाएगा, जिसमें शिमला से जुड़ी पुरानी और ऐतिहासिक तस्वीरों को शामिल किया जाएगा।
