देश भर में ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग में 99% की वृद्धि हुई है और ओटीपी आधारित डिलीवरी 94.5% से अधिक हो गई है। | The Voice TV

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देश भर में ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग में 99% की वृद्धि हुई है और ओटीपी आधारित डिलीवरी 94.5% से अधिक हो गई है।

Date : 26-Apr-2026

 सरकार ने देशभर में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किए हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि किसी भी वितरण केंद्र पर एलपीजी की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।

मंत्रालय ने बताया कि देशभर में ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग लगभग 99 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि ओटीपी आधारित डिलीवरी 94.5 प्रतिशत से अधिक हो गई है। पिछले महीने से अब तक पांच लाख 36 हजार से अधिक पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं और अतिरिक्त दो लाख 61 हजार कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार कर लिया गया है, जिससे कुल संख्या लगभग सात लाख 97 हजार हो गई है। लगभग छह लाख उपभोक्ताओं ने नए पीएनजी कनेक्शनों के लिए पंजीकरण भी कराया है। कल तक 42 हजार से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं। देश की सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा जा रहा है।

इस बीच, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है।

इसके अतिरिक्त, विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहा है और भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण पर विशेष ध्यान दे रहा है। 28 फरवरी से अब तक इस क्षेत्र से लगभग 12 लाख 65 हजार यात्री यात्रा कर चुके हैं। मंत्रालय ने बताया कि मालवाहक और चार्टर्ड उड़ानों के लिए ईरान का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि अब तक तेहरान स्थित दूतावास ने इन मार्गों से 2443 भारतीय नागरिकों को निकालने में सहायता की है। हालांकि, भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी गई है और जो लोग पहले से ही वहां हैं, उनसे भारतीय दूतावास के सहयोग से भूमि सीमा मार्गों से निकलने का आग्रह किया जा रहा है।


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