देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है और किसी भी एलपीजी वितरक केंद्र पर आपूर्ति में कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। देश भर में ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग लगभग 99 प्रतिशत तक बढ़ गई है और ओटीपी आधारित डिलीवरी 94.5 प्रतिशत से अधिक हो गई है। मार्च 2026 से अब तक 53 लाख से अधिक एलपीजी कनेक्शनों का गैसीकरण किया जा चुका है और अतिरिक्त 26 लाख कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है, जिससे कुल संख्या 79 लाख हो गई है। इसके अलावा, लगभग छह लाख ग्राहकों ने नए एलपीजी कनेक्शनों के लिए पंजीकरण कराया है। कल तक 42 हजार से अधिक एलपीजी उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं। सभी रिफाइनरियां पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं, जबकि पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा जा रहा है। देश भर में खुदरा दुकानें सामान्य रूप से चल रही हैं।
सरकार पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है।
बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है। इस बीच, विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया क्षेत्रों में हो रहे घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रहा है और क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दे रहा है। 28 फरवरी से अब तक इस क्षेत्र से लगभग 12 लाख 65 हजार यात्री यात्रा कर चुके हैं। ईरान का हवाई क्षेत्र मालवाहक और चार्टर्ड उड़ानों के लिए आंशिक रूप से खुला है। भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है और जो लोग पहले से ही ईरान में हैं, उनसे आग्रह किया जाता है कि वे भारतीय दूतावास के सहयोग से जमीनी सीमा मार्गों से वहां से निकल जाएं। अब तक, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने जमीनी सीमा मार्गों से 2443 भारतीय नागरिकों को ईरान से बाहर निकालने में सहायता की है।
