इतिहास के पन्नों में 11 मई : भारत की वैज्ञानिक ताकत और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस का प्रतीक | The Voice TV

Quote :

“स्वयं जैसे हो वैसे ही रहो; बाकी सब तो पहले से ही कोई और बन चुके हैं।” ― ऑस्कर वाइल्ड

National

इतिहास के पन्नों में 11 मई : भारत की वैज्ञानिक ताकत और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस का प्रतीक

Date : 10-May-2026

 भारत और विश्व इतिहास में 11 मई की तारीख कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए याद की जाती है, लेकिन भारतीय विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में इस दिन का विशेष महत्व है। देश में हर वर्ष 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों के योगदान को सम्मान देना तथा देश में वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करना है।

इस दिन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वर्ष 1998 से जुड़ी है, जब भारत ने पोखरण-II के तहत राजस्थान के पोखरण टेस्ट रेंज में सफल परमाणु परीक्षण कर पूरी दुनिया को चौंका दिया था। 11 और 13 मई 1998 को किए गए कुल पांच परमाणु परीक्षणों ने भारत को वैश्विक परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित कर दिया।

तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में यह अभियान बेहद गोपनीय तरीके से पूरा किया गया था। बताया जाता है कि दुनिया की बड़ी खुफिया एजेंसियां और उपग्रह निगरानी तंत्र भी इसकी भनक नहीं लगा सके थे। परीक्षण की सफलता के बाद वाजपेयी ने देश को संबोधित करते हुए भारत के परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनने की घोषणा की थी।

इन परीक्षणों में पूर्व राष्ट्रपति और प्रसिद्ध वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम की भूमिका भी बेहद अहम रही। उन्होंने परीक्षणों की सफलता की पुष्टि की थी। बाद में कलाम ने कहा था कि उस समय अंतरराष्ट्रीय दबाव काफी अधिक था, लेकिन भारत ने आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया।

इसी दिन भारत ने स्वदेशी विमान ‘हंसा-3’ का सफल परीक्षण किया था और ‘त्रिशूल’ मिसाइल परीक्षण में भी सफलता प्राप्त की थी। इन उपलब्धियों को देखते हुए वाजपेयी सरकार ने 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस घोषित किया। इस अवसर पर वाजपेयी ने “जय जवान, जय किसान और जय विज्ञान” का नारा दिया था, जो आज भी भारत की वैज्ञानिक प्रगति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक माना जाता है।

महत्वपूर्ण घटनाचक्र

1752 - अमेरिका के फिलाडेल्फिया में अग्नि बीमा पालिसी की शुरुआत की गई।

1784 - अंग्रेजों और मैसूर के शासक टीपू सुल्तान के बीच संधि।

1833 - अमेरिका से क्यूबेक जा रहे जहाज लेडी ऑफ द लेक के हिमखंड से टकराकर अटलांटिक महासागर में डूबने से 215 लोगों की मौत।

1940 - ब्रिटिश ब्राडकास्टिंग सर्विस ने अपनी हिंदी सेवा की शुरुआत की।

1951 - राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद ने नवनिर्मित सोमनाथ मंदिर का उद्घाटन किया।

1962 - सर्वपल्ली राधाकृष्णन को भारत का राष्ट्रपति चुना गया। उन्होंने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का स्थान लिया।

1965 - बांग्लादेश में चक्रवाती तूफान में 17 हजार लोगों की मौत।

1988 - फ्रांस ने परमाणु परीक्षण किया।

1995 - संयुक्त राष्ट्र महासभा के कक्ष में 24 दिन तक चले सम्मेलन की समाप्ति पर परमाणु अप्रसार संधि को अनिश्चित काल के लिए स्थायी बना दिया गया।

1998 - भारत ने राजस्थान के पोखरण में तीन परमाणु परीक्षण किये।

1998 - यूरोप की एकल मुद्रा यूरो का पहला सिक्का बना।

2000 - दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जन्मी 'आस्था' भारत का एक अरबवाँ बच्चा।

2001 - संयुक्त राज्य अमेरिका की प्रक्षेपास्त्र रक्षा प्रणाली को भारत का समर्थन, अमेरिकी संसद ने संयुक्त राष्ट्र की देय राशि रोकी।

2002 - बांग्लादेश में नौका दुर्घटना में 378 लोग मरे।

2005 - बगलिहार परियोजना पर भारत-पाक मतभेदों को निपटाने हेतु विश्व बैंक ने तटस्थ विशेषज्ञ नियुक्त किया।

2007 - इस्रायल ने हमास से जुड़ी रिफ़ॉर्म एवं चेंज पार्टी को गैर-क़ानूनी घोषित किया।

2008 - न्यूयार्क के कॉर्नेल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने देश का पहला जेनेटिकली मोडिफाइड मानव भ्रूण तैयार किया।

2008 - दक्षिणी वजीरिस्तान में नाटो सेना ने हमला किया।

2010 - भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश एसएच कपाड़िया को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने 38वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई। वे इस पद पर 29 सितंबर 2012 तक रहेंगे।

2010 - भारतीय सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक खंड़पीठ ने एक महत्त्वपूर्ण निर्णय में कहा कि पंचायत और स्थानीय चुनाव में राज्य सरकार को आरक्षण देने का अधिकार है।

जन्म

1957 - शक्ति सिन्हा - भूतपूर्व भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निजी सचिव थे।

1933 - सागर सरहदी - भारतीय हिन्दी सिनेमा के दिग्गज पटकथा लेखक थे।

1918 - मृणालिनी साराभाई - भारत की प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना थीं।

1912 - सआदत हसन मंटो, कहानीकार और लेखक थे। मंटो फ़िल्म और रेडियो पटकथा लेखक और पत्रकार भी थे।

1904 - के. वी. के. सुंदरम - भारत के दूसरे मुख्य निर्वाचन आयुक्त थे।

1903 - एस. एम. श्रीनागेश - भारतीय थल सेना के तृतीय थल सेनाध्यक्ष थे।

निधन

2002 - आबिदा सुल्तान - भोपाल सियासत की राजकुमारी एवं भारत की पहली महिला पायलट।

महत्वपूर्ण अवसर

-राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement