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वोटर लिस्ट मामले में सुनवाई टली, याचिकाकर्ता ने सोनिया गांधी पर लगाया देरी कराने का आरोप

Date : 16-May-2026

 नई दिल्ली, 16 मई । कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्षा सोनिया गांधी के खिलाफ वोटर लिस्ट मामले में सुनवाई टलने के बाद याचिकाकर्ता अधिवक्ता विकास त्रिपाठी ने उन पर जानबूझकर सुनवाई में देरी कराने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी के वकील समय कम होने का हवाला देकर बार-बार बहस टाल रहे हैं, जिससे मामले की सुनवाई आगे बढ़ रही है।

अधिवक्ता विकास त्रिपाठी ने न्यायालय परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अदालत ने उन्हें निर्वाचन आयोग से प्राप्त दस्तावेज दाखिल करने का निर्देश दिया था और सभी दस्तावेज अदालत में जमा कर दिए गए हैं। इसके बावजूद विपक्ष की ओर से बहस नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर “तारीख पर तारीख” ली जा रही है।

उन्होंने कहा कि आज भी सोनिया गांधी के वकील अदालत में व्यक्तिगत रूप से मौजूद नहीं थे और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। अब मामले की अगली सुनवाई 4 जुलाई को निर्धारित की गई है।

विकास त्रिपाठी ने कहा कि पहले भी विपक्ष की ओर से बहस टलती रही है। उन्होंने कहा कि वह अदालत में उपस्थित हैं और आवश्यक दस्तावेज दाखिल कर चुके हैं, लेकिन दूसरी ओर से बहस नहीं की जा रही है। उन्होंने इसे सुनवाई में देरी करने की रणनीति करार दिया।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट के सेशंस कोर्ट में 1980 में वोटर लिस्ट में सोनिया गांधी का कथित रूप से नाम जुड़वाने के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग पर शनिवार को सुनवाई टल गई। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने मामले की अगली सुनवाई 4 जुलाई को तय की है।

याचिकाकर्ता की ओर से निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट अदालत में दाखिल की गई थी। इससे पहले 18 अप्रैल को अदालत ने दोनों पक्षों को लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश दिया था।

अधिवक्ता विकास त्रिपाठी ने मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा एफआईआर दर्ज करने की मांग खारिज किए जाने के आदेश को सेशंस कोर्ट में चुनौती दी है। 9 दिसंबर 2025 को अदालत ने सोनिया गांधी और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था।

याचिका में दावा किया गया है कि सोनिया गांधी ने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन अप्रैल 1983 में दिया था। ऐसे में 1980 में वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया होगा, जो एक संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। याचिका में अदालत से सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने की मांग की गई है।


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