एनसीबी ने 182 करोड़ रुपये का कैप्टागन किया जब्त, शाह बोले-नशा मुक्त भारत के संकल्प की बड़ी सफलता | The Voice TV

Quote :

“स्वयं जैसे हो वैसे ही रहो; बाकी सब तो पहले से ही कोई और बन चुके हैं।” ― ऑस्कर वाइल्ड

National

एनसीबी ने 182 करोड़ रुपये का कैप्टागन किया जब्त, शाह बोले-नशा मुक्त भारत के संकल्प की बड़ी सफलता

Date : 16-May-2026

 नई दिल्ली, 16 मई। स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने नशीले पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 182 करोड़ रुपये मूल्य का कैप्टागन जब्त किया है, जिसे कथित तौर पर ‘जिहादी ड्रग’ कहा जाता है। इस अभियान को ‘ऑपरेशन रेजपिल’ नाम दिया गया।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट किया कि मोदी सरकार ने ‘नशा मुक्त भारत’ का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि एनसीबी ने पहली बार कैप्टागन को जब्त किया है, जिसकी कीमत 182 करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि यह खेप मध्य पूर्व के लिए निर्धारित थी। इसके साथ एक विदेशी नागरिक को भी गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई ड्रग्स के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति का उदाहरण है। भारत के क्षेत्र का उपयोग पारगमन मार्ग के रूप में कर किसी भी तरह से ड्रग्स की तस्करी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने एनसीबी के अधिकारियों को सतर्कता और बहादुरी के लिए बधाई दी।

उल्लेखनीय है कि कैप्टागन एक सिंथेटिक उत्तेजक दवा है, जिसका असली नाम फेनेथिलीन है। इसे 1960 के दशक में ध्यान संबंधी विकार और नार्कोलेप्सी जैसी बीमारियों के इलाज के लिए विकसित किया गया था। बाद में इसकी लत लगाने वाली प्रवृत्ति और दुरुपयोग की आशंका के कारण इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित कर दिया गया।

इसे ‘जिहादी ड्रग’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि कुछ आतंकी संगठनों द्वारा कथित तौर पर इसका इस्तेमाल किया गया। यह थकान कम करता है और व्यक्ति को ज्यादा साहसी, आक्रामक और डर‑रहित बना देता है। युद्ध या हिंसक गतिविधियों में इसके उपयोग के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि, यह ध्यान देने वाली बात है कि ‘जिहादी ड्रग’ कोई वैज्ञानिक शब्द नहीं बल्कि एक प्रचलित लेबल है।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement