करेला का नाम सुनते ही ज्यादातर लोग मुंह बना लेते हैं, और इसकी सबसे बड़ी वजह है उसका कड़वा स्वाद। लेकिन सेहत के लिहाज से देखा जाए तो करेला किसी सुपरफूड से कम नहीं माना जाता। यह ब्लड शुगर कंट्रोल करने, पाचन बेहतर बनाने और इम्यूनिटी मजबूत करने में काफी मददगार होता है। यही कारण है कि डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट्स भी इसे डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं।
अक्सर लोग सिर्फ इसकी कड़वाहट की वजह से करेला खाने से बचते हैं। हालांकि कुछ आसान किचन टिप्स अपनाकर इसकी कड़वाहट काफी हद तक कम की जा सकती है। सबसे आसान तरीका है नमक और हल्दी का इस्तेमाल। कटे हुए करेले पर नमक और हल्दी लगाकर करीब आधे घंटे के लिए छोड़ दें। इससे उसका कड़वा पानी बाहर निकल जाता है और स्वाद हल्का हो जाता है।
अगर आप कड़वाहट को और कम करना चाहते हैं तो नींबू का रस भी अच्छा विकल्प है। करेले के टुकड़ों पर थोड़ा नींबू निचोड़कर 20-30 मिनट के लिए छोड़ दें। इससे उसका स्वाद संतुलित हो जाता है और खाने में ज्यादा अच्छा लगता है। साथ ही नींबू में मौजूद विटामिन C पोषण भी बढ़ाता है।
कई लोग करेले को पकाने से पहले हल्का उबालना भी पसंद करते हैं। इसके लिए नमक वाले पानी में करेले को करीब 2 मिनट तक उबालें और फिर तुरंत ठंडे पानी में डाल दें। इससे उसका कड़वापन कम हो जाता है और सब्जी का स्वाद बेहतर बनता है।
करेले के बीज और उसकी खुरदुरी ऊपरी परत में सबसे ज्यादा कड़वाहट होती है। ऐसे में बीज निकाल देने और हल्का छिलका खुरच देने से स्वाद काफी बदल जाता है। कुछ लोग इसकी सूखी सब्जी में थोड़ा सा गुड़ भी डालते हैं, जिससे कड़वाहट बैलेंस हो जाती है और बच्चे भी इसे आसानी से खा लेते हैं।
अगर आपको कुरकुरा स्वाद पसंद है तो करेले के पतले स्लाइस बनाकर हल्का फ्राई कर सकते हैं। फ्राई करने के बाद इसका स्वाद काफी हद तक चिप्स जैसा लगने लगता है और कड़वाहट भी कम महसूस होती है। यही वजह है कि बच्चे भी फ्राई किया हुआ करेला बिना नखरे के खा लेते हैं।
स्वाद के अलावा करेला पोषण से भी भरपूर होता है। इसमें विटामिन C, आयरन, मैग्नीशियम और फाइबर अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। यह शरीर को डिटॉक्स करने, पाचन सुधारने और इम्यूनिटी मजबूत करने में मदद करता है। इसलिए थोड़ी सी स्मार्ट कुकिंग ट्रिक्स अपनाकर आप करेले को स्वादिष्ट और हेल्दी दोनों बना सकते हैं।
