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लौकी का जूस: कब और कितनी मात्रा में पीना है फायदेमंद?

Date : 15-May-2026

 देश में मोटापे की बीमारी तेजी से बढ़ती जा रही है. ऐसे में हर किसी को अपना वजन घटाने की जरूरत है. हालांकि वजन घटाने के लिए कई चीजों को एक साथ करने की जरूरत है. इसके लिए सबसे पहले डाइट में कटौती और एक्सरसाइज में बढ़ोतरी करनी पड़ती है लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी है आपके पेट का साफ होना. पेट के लिए लौकी का जूस बेहतरीन औषधि माना जाता है. आयुर्वेद में इसे अमृत तुल्य माना गया है. वजन कम करने में लौकी का जूस किस तरह फायदेमंद है. आइए इसके बारे में जानते हैं. भारत में हर चार में से 1 वयस्क मोटापे के शिकार हैं. इससे भी चिंता की बात यह है कि भारत में जो मोटापा वह ज्यादा खतरनाक है क्योंकि यहां के लोगों में पेट के पास चर्बी बेतहाशा बढ़ने लगती है.

पेट की चर्बी शरीर की चर्बी से ज्यादा खराब होती है. मोटापा कई बीमारियों की जड़ है. इससे फैटी लिवर, किडनी, हार्ट आदि की बीमारियां होती है. यह शरीर के पूरे मेटाबोलिक प्रोसेस को खराब कर देता है. इसलिए हर हाल में मोटापा को घटाना जरूरी है. लौकी का जूस मोटापा घटाने में बहुत मददगार साबित हो सकता है. आजकल की हेल्दी लाइफस्टाइल में बहुत लोग नेचुरल फूड और हेल्दी ड्रिंक्स को ज्यादा अहमियत दे रहे हैं. इसी तरह, आसानी से मिलने वाली सब्जियों में से एक लौकी को सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. खासकर अगर आप रोज लौकी का जूस पिएंगे तो आपकी सेहत बेहतर होगी और कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स को कंट्रोल करने में भी मदद मिलेगी. लौकी के जूस में 90% से ज्यादा पानी होता है. इसके साथ ही इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है. फाइबर पेट की चर्बी कम करने के लिए आदर्श है. डॉक्टरों का मानना है कि लौकी का जूस मेटाबॉलिज्म को तेज करने और शरीर को डिटॉक्स करने में तो मदद करता है, लेकिन इसके सेवन की मात्रा और समय का ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है, वरना यह फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है.

लौकी के जूस में 90% से ज्यादा पानी होता है. इसके साथ ही इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है. फाइबर पेट की चर्बी कम करने के लिए आदर्श है. डॉक्टरों का मानना है कि लौकी का जूस मेटाबॉलिज्म को तेज करने और शरीर को डिटॉक्स करने में तो मदद करता है, लेकिन इसके सेवन की मात्रा और समय का ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है, वरना यह फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है. लौकी में बहुत सारा पानी, फाइबर, आयरन और कई तरह के विटामिन्स होते हैं. इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती. गर्मियों में लौकी का जूस पीने से शरीर ठंडा रहता है, गर्मी कम होती है और थकान भी दूर होती है. जो लोग वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं उनके लिए लौकी का जूस बहुत फायदेमंद माना जाता है. इसमें कैलोरी कम और फाइबर ज्यादा होता है, जिससे लंबे समय तक भूख नहीं लगती. इससे बार-बार खाने की आदत कम हो जाती है और धीरे-धीरे वजन कम होने की संभावना रहती है.

लौकी में बहुत सारा पानी, फाइबर, आयरन और कई तरह के विटामिन्स होते हैं. इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती. गर्मियों में लौकी का जूस पीने से शरीर ठंडा रहता है, गर्मी कम होती है और थकान भी दूर होती है. जो लोग वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं उनके लिए लौकी का जूस बहुत फायदेमंद माना जाता है. इसमें कैलोरी कम और फाइबर ज्यादा होता है, जिससे लंबे समय तक भूख नहीं लगती. इससे बार-बार खाने की आदत कम हो जाती है और धीरे-धीरे वजन कम होने की संभावना रहती है. 100 ग्राम लौकी में मात्र 12-15 कैलोरी होती है. सुबह खाली पेट एक गिलास लौकी के जूस का सेवन कर लेंगे तो पूरा दिन पेट भरा हुआ महसूस होगा और आप एक्स्ट्रा कैलोरी लेने से बच जाते हैं.इसमें मौजूद सॉल्युबल फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है और भूख को नियंत्रित करने में मदद करता है.

लौकी का जूस यह शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है, जिससे मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और फैट बर्निंग प्रोसेस तेज होती है. यह इलेक्ट्रोलाइट को संतुलित रखता है. इसलिए वजन घटाने के दौरान शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता. 100 ग्राम लौकी में मात्र 12-15 कैलोरी होती है. सुबह खाली पेट एक गिलास लौकी के जूस का सेवन कर लेंगे तो पूरा दिन पेट भरा हुआ महसूस होगा और आप एक्स्ट्रा कैलोरी लेने से बच जाते हैं.इसमें मौजूद सॉल्युबल फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है और भूख को नियंत्रित करने में मदद करता है. लौकी का जूस यह शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है, जिससे मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और फैट बर्निंग प्रोसेस तेज होती है. यह इलेक्ट्रोलाइट को संतुलित रखता है. इसलिए वजन घटाने के दौरान शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता.

लौकी के जूस का कम मात्रा में सेवन करना चाहिए. एक हेल्दी वयस्क के लिए दिन में 150 से 200 मिलीलीटर यानी एक छोटा गिलास लौकी का जूस पर्याप्त है. इसे सुबह खाली पेट सेवन सबसे अधिक प्रभावी माना जाता है. जूस पीने के बाद आधे घंटे तक कुछ न खाएं.जूस निकालने से पहले लौकी का एक छोटा टुकड़ा काटकर चख लें. यदि लौकी कड़वी है, तो उसका जूस बिल्कुल न पिएं. कड़वी लौकी में कुकरबिटासिन नामक जहरीला तत्व होता है जो जानलेवा साबित हो सकता है. (डिस्क्लेमर : यह लेख सामान्य जानकारी पर आधारित है. लौकी के जूस का कम मात्रा में सेवन करना चाहिए. एक हेल्दी वयस्क के लिए दिन में 150 से 200 मिलीलीटर यानी एक छोटा गिलास लौकी का जूस पर्याप्त है. इसे सुबह खाली पेट सेवन सबसे अधिक प्रभावी माना जाता है. जूस पीने के बाद आधे घंटे तक कुछ न खाएं.जूस निकालने से पहले लौकी का एक छोटा टुकड़ा काटकर चख लें. यदि लौकी कड़वी है, तो उसका जूस बिल्कुल न पिएं. कड़वी लौकी में कुकरबिटासिन नामक जहरीला तत्व होता है जो जानलेवा साबित हो सकता है. (डिस्क्लेमर : यह लेख सामान्य जानकारी पर आधारित है.



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