कोंडागांव, 16 मई । कांग्रेस के पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील ने देशवासियों के "जख्मों पर नमक छिड़कने" का काम किया है। उन्हाेंने आरोप लगाया कि पिछले दो महीने से डीजल, पेट्रोल और गैस संकट, महंगाई से जूझ रही जनता को प्रधानमंत्री की सलाह से परेशानी हुई है।
उन्होंने प्रधानमंत्री की सलाहों का जिक्र करते हुए बताया कि मोदी ने किसानों से खेती में उर्वरक का उपयोग कम करने को कहा वहीं, कामकाजी वर्ग को 'वर्क फ्रॉम होम' करने और ऑफिस न जाने की सलाह दी गई। प्रधानमंत्री ने देश की महिलाओं को खाद्य तेल और गैस का उपयोग कम करने की सलाह दी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने लोगों से सोना न खरीदने और विदेश यात्रा न करने की भी अपील की।
रेखचंद जैन ने उर्वरक के मुद्दे पर कहा कि प्रधानमंत्री किसानों से उर्वरकों का उपयोग कम करने को कह रहे हैं, जबकि देश में पिछले सात साल से उर्वरकों की कमी है। किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया गया था, लेकिन उर्वरक न मिलने और महंगे उर्वरक खरीदने के कारण किसान कर्जदार हो रहे हैं और उनकी उत्पादकता घट रही है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए बताया कि राज्य को 15 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की आवश्यकता है, लेकिन राज्य सरकार अभी तक सोसायटियों तक केवल 51 हजार मीट्रिक टन उर्वरक ही पहुंचा पाई है। यह कुल जरूरत का मात्र 30 प्रतिशत है, जबकि 70 प्रतिशत उर्वरक अभी भी सोसायटियों तक नहीं पहुंचा है। रेखचंद जैन ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी देश के पहले ऐसे नेता हैं जो राष्ट्र की उत्पादकता को कम करने पर तुले हुए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी नागरिकों को काम नहीं करने की सलाह दे रहे हैं, जैसे 'वर्क फ्रॉम होम' करना या काम पर न जाना, जिससे फील्ड में काम करने वाले और सामान बेचने वाले लोगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
