जगदलपुर, 16 मई। छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित 'मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना' (पूर्व नाम जवाहर उत्कर्ष योजना) के अंतर्गत शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए कक्षा 6वीं में प्रवेश की प्रक्रिया का प्रारंभ कर दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के होनहार बच्चों के भविष्य को संवारने वाली इस योजना के तहत रविवार 26 जुलाई को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक लिखित चयन परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है।
इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को राज्य के उत्कृष्ट निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 12वीं तक की उच्च स्तरीय और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ अनिवार्य शर्तें तय की गई हैं, जिसके तहत आवेदक का छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होने के साथ-साथ सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थाई जाति प्रमाण पत्र धारक होना आवश्यक है। इसके अलावा, विद्यार्थी को राज्य की किसी मान्यता प्राप्त संस्था में कक्षा 5वीं में नियमित रूप से अध्ययनरत होना चाहिए और उसने कक्षा 4थी की परीक्षा न्यूनतम 80 प्रतिशत अंकों या इसके समकक्ष ग्रेड के साथ उत्तीर्ण की हो। आर्थिक मापदंडों की बात करें तो छात्र के माता-पिता या पालक की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 2.50 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए, जिसके लिए आय प्रमाण पत्र और पालक का स्वघोषणा पत्र अनिवार्य रूप से संलग्न करना होगा। यह योजना पूरी तरह से ग्रामीण परिवेश के बच्चों के लिए है, इसलिए केवल वही छात्र इसके पात्र होंगे जिन्होंने ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत या नगर पंचायत क्षेत्र के स्कूलों से कक्षा 4थी उत्तीर्ण की है; नगरपालिका और नगर निगम क्षेत्रों के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र इस दौड़ से बाहर रहेंगे। साथ ही छात्र केवल उसी जिले में आवेदन करने के पात्र होंगे जहां के वे मूल निवासी हैं, अन्य जिलों से किए गए आवेदनों को खारिज कर दिया जाएगा।
प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा के स्वरूप को बेहद सुगठित रखा गया है, जिसमें कक्षा 5वीं के स्तर के विज्ञान, गणित, अंग्रेजी, हिन्दी और पर्यावरण विषयों पर आधारित कुल 100 वस्तुनिष्ठ (ऑब्जेक्टिव) प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा के प्रत्येक विषय खंड से 20-20 अंकों के सवाल होंगे और इसे हल करने के लिए विद्यार्थियों को पूरे 120 मिनट यानी 2 घंटे का समय मिलेगा। परीक्षार्थियों के लिए प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिका एक ही रूप में उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे हल करने के बाद उन्हें वीक्षक को वापस सौंपना होगा, और परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए छात्रों को अपने साथ लिखने के लिए 'पैड' लाना अनिवार्य किया गया है।
प्रवेश की इस पूरी प्रक्रिया को समय सीमा में पूरा करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके तहत विद्यार्थियों को निर्धारित प्रारूप में अपना पूर्ण रूप से भरा हुआ आवेदन पत्र 20 जून की शाम 5 बजे तक अपने संबंधित विद्यालय में जमा करना होगा। इसके बाद स्कूल प्रमुखों द्वारा सभी आवेदनों का बारीकी से परीक्षण कर उन्हें 27 जून तक विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आगे भेजा जाएगा। अंतिम चरण में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा सभी पात्र आवेदनों की जिलावार सूची तैयार कर 30 जून तक आदिवासी विकास के सहायक आयुक्त कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा कर दी जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में अपूर्ण आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे और इसके साथ ही क्षेत्र के सभी प्रधान पाठकों तथा शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे पालकों और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभावान बच्चों को इस परीक्षा के प्रति जागरूक करें तथा आवेदन भरने में उनकी हर संभव सहायता करें।
